रेहराबाजार। अहिरौली बुजुर्ग निवासी लोकतंत्र रक्षक सेनानी रामपियारे (85) का रविवार को निधन हो गया। पुलिस की मौजूदगी में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी गई और पैतृक अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र मुन्ना लाल ने दी।
परिजनों के अनुसार रामपियारे पुत्र द्वारिका प्रसाद लोकतंत्र रक्षक सेनानी थे। आपातकाल के दौरान सितंबर 1976 में उन्होंने रेहरा बाजार थाने में गिरफ्तारी दी थी, जिसके बाद उन्हें गोंडा जिला जेल भेज दिया गया था। वहां वह बैरक संख्या-5 में निरुद्ध रहे और बाद में जनवरी 1977 में रिहा हुए। पुत्र पृथ्वीराज ने बताया कि बीते एक माह से वह अस्वस्थ चल रहे थे। एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश सिंह ने बताया कि उपनिरीक्षक समर बहादुर सिंह की पुलिस टीम ने राजकीय सम्मान के साथ सलामी देकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई। (संवाद)