बलरामपुर। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ की जिला इकाई बलरामपुर के पदाधिकारियों ने श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2004 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से मुक्त करने और कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
प्रांतीय कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार चौहान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने कहा कि वर्ष 2004 से पहले तत्कालीन नियमावली के तहत नियुक्त शिक्षकों पर वर्षों बाद टीईटी की अनिवार्यता लागू करना प्राकृतिक न्याय और विधिक सिद्धांतों के विपरीत है। संगठन ने ऐसे शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू किया जाना आवश्यक है। पदाधिकारियों ने सांसद से संसद के मानसून सत्र में दोनों मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का अनुरोध किया।
सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें केंद्र सरकार के समक्ष रखने और संसद के मानसून सत्र में इस विषय को उठाने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला महामंत्री तुलाराम गिरी, जिला संयोजक धर्मेंद्र कुमार शुक्ल, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल मंत्री अरुण मिश्र, संरक्षक राजेंद्र प्रसाद गुप्त, एससी-एसटी संघ के राम सेवक, उपाध्यक्ष एवं संयुक्त मंत्री राघवेंद्र प्रताप मिश्र, शिवाकांत त्रिपाठी, रितेश अवस्थी, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार गुप्त, ऑडिटर चंद्रेश कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौहान, शंकर शुक्ल, नीरज द्विवेदी, सकट राम सहित अन्य पदाधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।