बलरामपुर। जिले में जनगणना-2027 की तैयारियों के बीच विभागीय अभिलेखों के अद्यतन में बड़ी चूक सामने आई है। 22 सितंबर को दम तोड़ चुके शिक्षामित्र मुरली धर का नाम 28 अक्तूबर को जारी प्रशिक्षण सूची में दर्ज मिला। मृत्यु के 36 दिन बाद भी नाम शामिल होने से अभिलेखों के सत्यापन पर सवाल उठ रहे हैं। सूची के अनुसार, उन्हें 30 अक्तूबर से एक नवंबर तक प्रशिक्षण में शामिल होना था। मामला सामने आने पर तहसीलदार और बीएसए ने सूची में संशोधन कराने की बात कही।
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बलरामपुर तहसील के पायनियर पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज में प्रशिक्षण के लिए जारी दैनिक उपस्थिति पत्रक पर 28 अक्तूबर की प्रिंट तिथि दर्ज है। बैच संख्या 8411 की सूची में 50 कार्मिक नामित हैं। क्रम संख्या 23 पर प्राथमिक विद्यालय बघनी से जुड़े शिक्षामित्र मुरली धर का नाम दर्ज है, जबकि उनकी मृत्यु 22 सितंबर को हो चुकी थी।
तहसीलदार शशांक शेखर ने बताया कि उसी दिन सूची में संशोधन करा दिया गया था। बीएसए विकास श्रीवास्तव ने भी संशोधन किए जाने की बात कही।
भोजन की गुणवत्ता पर शिकायत
जिले की तीनों तहसीलों में 26 से 28 अक्तूबर तक प्रगणकों और सुपरवाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। बलरामपुर में सीएमएस इंटर कॉलेज, उतरौला में एचआरए इंटर कॉलेज और तुलसीपुर में ईशावास्यम इंटर कॉलेज को प्रशिक्षण स्थल बनाया गया था।
तुलसीपुर के ईशावास्यम इंटर कॉलेज में 27 अक्तूबर को कुछ प्रगणकों और शिक्षकों ने दोपहर के भोजन की गुणवत्ता पर शिकायत की। इस पर तहसीलदार तुलसीपुर प्रशिक्षण स्थल पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद भोजन बदलवाया गया।
28 अक्तूबर को एसडीएम तुलसीपुर हेमंत गुप्ता और तहसीलदार ने दोबारा पहुंचकर भोजन व्यवस्था की निगरानी की। दोनों अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों के साथ बैठकर भोजन किया और उसकी गुणवत्ता की जानकारी ली।
5906 कार्मिकों को दिया जाना है प्रशिक्षण
जनपद में जनगणना के लिए लगभग 4770 गणना ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। रिजर्व सहित 5248 प्रगणकों और 658 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जाना है। कुल 5906 कार्मिक प्रशिक्षित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने 16 अक्तूबर की समीक्षा बैठक में सभी कार्मिकों का प्रशिक्षण 15 नवंबर से पहले पूरा कराने के निर्देश दिए थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 से 30 नवंबर तक स्व-गणना होगी। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे। पांच से नौ जनवरी तक पुनरीक्षण के दौरान आंकड़ों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा।