फोटो-32-एवरेस्ट फतह के दौरान मौजूद जिले की बेटियां ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। सशक्त बेटियां, सशक्त बलरामपुर अभियान के तहत एवरेस्ट फतह करने निकलीं जिले की तीनों बेटियों ने शनिवार को एवरेस्ट बेस कैंप खुम्बू पहुंचकर नया इतिहास रच दिया। कठिन पहाड़ी रास्तों और विपरीत मौसम परिस्थितियों को पार करते हुए छात्राओं ने यह उपलब्धि हासिल की, जिससे जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
हैंडबॉल प्रशिक्षक हिना खातून के नेतृत्व में नीलांशू, प्रियंका उपाध्याय और प्रियंका प्रजापति सात मई को बलरामपुर से एवरेस्ट बेस कैंप अभियान के लिए रवाना हुई थीं। लगातार कई दिनों तक ऊंचे पर्वतीय रास्तों पर ट्रैकिंग करते हुए छात्राएं शुक्रवार को लोबूचे पड़ाव तक पहुंची थीं। वहां से शनिवार को गोरकशेप के रास्ते आगे बढ़ते हुए तीनों छात्राओं ने साउथ एवरेस्ट बेस कैंप खुम्बू तक पहुंचने में सफलता हासिल की। अभियान से जुड़ी शिक्षिका एवं गाइड प्रियंका श्रीवास्तव ने बताया कि छात्राओं ने लगभग 5551 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले साउथ एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचकर जिले का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले की बेटियों के आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। नीलांशू कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्रा हैं, जबकि प्रियंका उपाध्याय डीएवी इंटर कॉलेज और प्रियंका प्रजापति कंपोजिट विद्यालय रमनगरा से जुड़ी हैं। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला, जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने छात्राओं की सफलता पर खुशी जताई। श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि बेटियों की यह उपलब्धि बलरामपुर जिले के लिए गौरव का विषय है और इससे अन्य छात्राओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।