चार ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकारों पर लगी रोक
बलरामपुर। गैसड़ी ब्लॉक के चार ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए हैं। सरकारी धन के बंदरबांट के आरोप में ग्राम पंचायत सचिव सहित चार ग्राम प्रधानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इन पर 18 लाख रुपये सरकारी धन का मिलीभगत कर बंदरबांट करने का आरोप है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने शनिवार को बताया कि गैसड़ी ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत सचिव दुर्गेश कुमार चौधरी को जीतपुर, महादेव शिवपुर, सिंहमुहानी व भदुआशंकर नगर का चार्ज दिया गया था।
ग्राम प्रधानों से मिलीभगत कर सचिव ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में चतुर्थ राज्य वित्त आयोग एवं 14वां वित्त आयोग के तहत आहरित धनराशि का व्यय विवरण एवं लेखा अभिलेख ऑनलाइन अपलोड नहीं कराया।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में हुए कार्यों की कार्य योजना प्लान प्लस पर अपलोड न कराकर बिना वर्क आईडी जनरेट कराए ही ग्राम निधि प्रथम खाते से प्रधानों व सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से आहरित किया गया।
ग्राम पंचायत सचिव से मिलीभगत कर जीतपुर के ग्राम प्रधान शेषराम ने 6 लाख 85 हजार 500 रुपये, महादेव शिवपुर की ग्राम प्रधान अंजली देवी ने चार लाख 52 हजार, सिंहमुहानी के ग्राम प्रधान शशांक शुक्ल ने दो लाख 73 हजार 500 तथा भदुआशंकर नगर के ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद ने चार लाख एक हजार 800 रुपये खातों से निकालकर बंदरबांट कर लिया।
18 जून को नोटिस निर्गत कर जबाब तलब किया गया था। डीपीआरओ ने 27 जून को एडीओ पंचायत गैसड़ी जलालुद्दीन खां को सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कराने का निर्देश दिया।
चार जुलाई को एडीओ पंचायत ने ग्राम प्रधान जीतपुर के खिलाफ थाना तुलसीपुर में तथा ग्राम प्रधान महादेव शिवपुर अंजली देव, भदुआशंकर नगर राजेंद्र प्रसाद व सिंहमुहानी शशांक शुक्ल सहित ग्राम पंचायत अधिकारी पर सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कराया।
एडीओ पंचायत ने पांच जुलाई को कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी। डीएम ने बताया कि उन्होंने एडीओ पंचायत की कार्रवाई रिपोर्ट पर चारों ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं।
इन ग्राम प्रधानों के हस्ताक्षर से अब किसी भी सरकारी धन की निकासी नहीं हो सकेगी। ग्राम पंचायत सहित चारों ग्राम प्रधानों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।