बलरामपुर। कोरोना की दूसरी लहर में नगरीय क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र भी काफी प्रभावित हुए हैं। कई गांव में 10 से अधिक लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ट्रेसिंग, टेस्टिंग व वैक्सीनेशन पर विशेष जोर दिया रहा है। निगरानी समितियां की रिपोर्ट पर गांवों में सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी के मरीजों की लगातार जांच कराई जा रही है। कोविड-19 जांच को लेकर अमर उजाला की टीम ने जिले के 10 बड़े गांवों में पड़ताल की है।
जिले के उतरौला ब्लॉक में क्षेत्रीय विधायक राम प्रताप वर्मा का गांव इमिलिया बनघुसरा कोविड-19 से काफी प्रभावित रहा है। इस गांव में बीते दिनों आरटीपीसीआर से 235 एवं एंटीजेन टेस्ट के माध्यम से 222 सहित कुल 457 लोगों की कोविड जांच की गई। जांच में 22 लोग पॉजिटिव पाए गए। इसी ब्लाक के मटियरियाकर्मा गांव में भी 100 लोगों की कोविड टेस्ट की गई जिसमें 15 लोग पॉजिटिव मिले थे।
गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक का ग्राम पंचायत इटईरामपुर काफी बड़ा गांव है। इस गांव में बीते दिनों 423 लोगों की कोरोना जांच की गई थी जिसमें 36 लोग पॉजिटिव पाए गए। इसी ब्लॉक के गतपुर ग्रंट में 222 लोगों की कोरोना जांच की गई जिसमें 14 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। रेहरा बाजार ब्लाक के ग्राम महुवा में 106 लोगों की जांच की गई जिसमें 3 लोग पॉजिटिव मिले हैं। इसी ब्लाक के ग्राम सभा इटवा में 120 लोगों की कोविड जांच हुई जिसमें 9 लोग पॉजिटिव पाए गए।
सदर ब्लाक के दिनमनजोत व सेवरहा ग्राम पंचायत में कोरोना के पॉजिटिव केस सबसे अधिक पाए गए हैं। दिनमनजोत गांव में कुल 376 लोगों की कोरोना जांच हुई जिसमें 37 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। वहीं सेवरहा ग्राम पंचायत में 534 लोगों की कोरोना जांच की गई जिसमें 31 लोग पॉजिटिव पाए गए। नेपाल बार्डर से जुड़े गैसड़ी के मध्यनगरी गांव में 150 लोगों की कोविड जांच की गई जिसमें 9 लोग पॉजिटिव मिले। इसी ब्लाक के मध्यपुर सेमरी गांव भी 155 लोगों की कोविड जांच की गई है। गांव में 7 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इन गांवों में कोरोना नियंत्रण के लिए प्रशासन ने निगरानी समितियों को सक्रिय किया।
गांव के हॉटस्पॉट एरिया को सील कर नियमित रूप से सैनिटाइजेशन कराया गया। होम आइसोलेटेड कोरोना मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दवा किट उपलब्ध कराई गई। प्रशासन की सतर्कता एवं ग्रामीणों द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन किए जाने से पॉजिटिव पाए गए अधिकांश मरीजों की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं।
ट्रेसिंग व टेस्टिंग से मिल रही सफलता
गांव में कोरोना पॉजिटिव केस पर नियंत्रण के लिए ट्रेसिंग व टेस्टिंग पर विशेष जोर दिया गया। गांव में कैंप लगाकर ग्रामीणों की कोरोना जांच की गई। ट्रेसिंग व टेस्टिंग से गांव में कोरोना महामारी पर नियंत्रण में काफी सफलता मिली है। लोग स्वस्थ हो रहे हैं। गांव में कोरोना की जांच जारी रहेगी।
डॉ. विजय बहादुर सिंह, सीएमओ बलरामपुर