तुलसीपुर (बलरामपुर)। अल्पसंख्यक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष के संविधान को लेकर की गई टिप्पणी पर आक्रोश जताया। ज्ञापन में उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेसियों ने कहा है कि प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष ने सार्वजनिक तौर पर संविधान विरोधी विचार व्यक्त किया है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष विवेक देबरॉय ने एक समाचार पत्र में मौजूदा संविधान की जगह नया संविधान लाने की वकालत करते हुए एक लेख प्रकाशित कराया है। इसमें संविधान के बुनियादी संरचना को खत्म कर देने की वकालत के साथ उसमें वर्णित समाजवादी, धर्मनिर्पेक्ष, लोकतांत्रिक, न्याय, स्वतंत्रता और समानता जैसे शब्दों को हिकारत से संबोधित किया गया है।
उन्होंने मांग की है कि इस लेख को राजद्रोह के दायरे में लाया जाना चाहिए, क्योंकि संविधान के खिलाफ है। इन लोगों ने मुख्य न्यायाधीश से मामले में हस्तक्षेप करते हुए आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। एसडीएम अभय कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अफरोज खान, आनंद कुमार, राजेश पाल, प्रदीप कुमार, फैज अहमद, मोहसिन अहमद, धर्मू वर्मा, किशन वर्मा, अतीकुर्रहमान व घनश्याम यादव आदि रहे।