बलरामपुर। आकांक्षी जनपद ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए नवीन नामांकन अभियान में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में शिक्षकों और शिक्षा विभाग की टीम ने घर-घर पहुंचकर अभिभावकों को जागरूक किया, जिसका परिणाम यह रहा कि नए शैक्षिक सत्र में 50 हजार से अधिक बच्चों का सरकारी विद्यालयों में नामांकन कराया गया।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 15 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन एवं मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्त ने मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के भविष्य की मजबूत नींव प्राथमिक शिक्षा से ही तैयार होती है। उन्होंने कहा कि बलरामपुर जैसे आकांक्षी जिले में 50 हजार से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ना साधारण उपलब्धि नहीं है। यह शिक्षकों की मेहनत, लगन और सामाजिक जिम्मेदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिले के शिक्षकों ने यह साबित किया है कि यदि सकारात्मक सोच और समर्पण के साथ कार्य किया जाए तो सरकारी विद्यालय भी समाज का भरोसा जीत सकते हैं। शिक्षकों ने केवल कक्षाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि गांव-गांव जाकर अभिभावकों से संवाद स्थापित किया और बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सम्मानित शिक्षक पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों ने अपने नियमित दायित्वों से आगे बढ़कर शिक्षा के प्रति समाज में जागरूकता पैदा की है। बीएसए शुभम शुक्ल के नेतृत्व की भी सराहना की गई।
इन विद्यालयों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
नवीन नामांकन अभियान में सर्वाधिक बच्चों का नामांकन कराने वाले विद्यालयों को ब्लॉकवार सम्मानित किया गया। ब्लॉक बलरामपुर से उच्च प्राथमिक विद्यालय खगईजोत और उच्च प्राथमिक विद्यालय नंदनगर थठिया-दो, गैंडास बुजुर्ग से प्राथमिक विद्यालय मस्जिदा एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय गैंडास बुजुर्ग को सम्मान मिला। गैसड़ी ब्लॉक से कंपोजिट विद्यालय नत्थीडीह, जानकीनगर, बेनीनगर वल्हसा एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय नचौरा, जबकि हर्रैया सतघरवा ब्लॉक से प्राथमिक विद्यालय चौधरीडीह, प्राथमिक विद्यालय दुंदपुर एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय कोड़री को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसी प्रकार पचपेड़वा ब्लॉक से प्राथमिक विद्यालय गौराभारी, रेहरा बाजार से कंपोजिट विद्यालय सहजौरा एवं प्राथमिक विद्यालय बादलपुर तथा उतरौला ब्लॉक से कंपोजिट विद्यालय पिपराराम को भी सम्मानित किया गया।
जिले भर में लागू होंगे ‘बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल’
जिले में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के कार्यों को अब अन्य स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में सम्मानित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट कम करने और अभिभावकों को जागरूक करने के अपने अनुभव साझा किए। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन विद्यालयों के ‘बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल’ को अन्य स्कूलों में अपनाने से जिले में शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा तथा अधिक से अधिक बच्चे विद्यालयों से जुड़ सकेंगे।