बलरामपुर। तुलसीपुर के साई पाली क्लीनिक में इलाज के दौरान महिला की बच्चेदानी निकालने के आरोप में कोर्ट ने सुनवाई शुुरू की है। आरोपी चिकित्सक के खिलाफ अदालत ने परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। गणेशपुर बनकटी निवासी रामकेशरी ने विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी अधिनियम की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था।
अदालत ने 28 सितंबर को इसे परिवाद के रूप में दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई का आदेश दिया। अदालत ने बयान के लिए नौ अक्तूबर की तारीख तय की है।
पीड़ित ने बताया कि उसकी पत्नी उजैरी दो माह की गर्भवती थी। 12 अगस्त को पेट में दर्द होने पर वह उसे जरवा रोड स्थित साई पाली क्लीनिक ले गया। आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के बाद दवा दी। घर लौटने पर ब्लीडिंग शुरू हुई तो सफाई कराने की बात कही गई। महिला की तीन बार सफाई की गई। इसके बाद गर्भ में बच्चे की मौत होने का आरोप है।
पत्नी का इलाज चलता रहा। इस दौरान चार बार अल्ट्रासाउंड और कई बार ब्लड जांच कराई गई। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना सहमति ऑपरेशन कर महिला की बच्चेदानी निकाल दी।
ऑपरेशन से पहले आवश्यक जांच नहीं कराई गई और निकाली गई बच्चेदानी की बायोप्सी भी नहीं कराई गई। पीड़ित से करीब 50 हजार रुपये लेने, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर का नाम नहीं बताने, जबरन हस्ताक्षर कराने, जातिसूचक गाली और धमकी देने की शिकायत भी की है।