बलरामपुर। कोविड-19 महामारी के चलते 10 माह बाद बुधवार को खुले स्कूलों में बच्चों के पहुंचने से रौनक लौटी। फूलों व गुब्बारों से स्कूलों को सजाया गया। बच्चों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया गया। पहले दिन कक्षा आठ के छात्र-छात्राओं को स्कूलों में पढ़ाई करने का मौका मिला। जिले के सभी स्कूलों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बच्चों को प्रवेश दिया गया। माध्यमिक व बेसिक शिक्षा के साथ अल्पसंख्यक विभाग की टीमें स्कूलों के निरीक्षण में जुटी रहीं। सभी टीमों की तरफ से शैक्षिक गतिविधियों के साथ स्कूलों के साफ-सफाई व मिड-डे मील संचालन आदि का जायजा लिया गया।
कोविड-19 महामारी के चलते 25 मार्च 2020 से बंद स्कूलों में बुधवार को कक्षा आठ के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करने का मौका मिला। स्कूलों में हेडमास्टरों, सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों व एसएमएसी के सदस्यों की तरफ से बच्चों को मिठाई बांटी गई। इसके साथ ही विद्यालयों को फूलों व गुब्बारों से सजाया गया। ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत चमाचम स्कूलों में 10 माह बाद पहुंचे बच्चों को बदला-बदला सा नजारा दिखा। उच्च प्राथमिक विद्यालय गैसड़ी के कक्षा आठ की छात्रा संगीता, कुड़वा की छात्रा रोशनी मौर्या, शीला मौर्या, राजा बाबू, मिर्जा खान, रियाज, दीपक व राजेश आदि ने खुशी जताते हुए कहा कि स्कूल खुलने से उन्हें बेहद खुशी है।
स्कूलों का नजारा भी बदला हुआ है। अभिभावक अनीता, राम स्वरूप व संदीप आदि ने खुशी जताते हुए कहा कि स्कूलों के खुलने से बच्चों को पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। बच्चे अपना भविष्य भी संवार सकेंगे। उच्च प्राथमिक विद्यालय बेनीनगर बेल्हसा के इंचार्ज हेडमास्टर राम सिंह व हेडमास्टर चंद्र प्रकाश यादव आदि ने बताया कि कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखकर स्कूलों में सभी इंतजाम किए गए हैं। स्कूल परिसर की साफ-सफाई के साथ सैनिटाइजेशन कराया गया है।
बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग पालन कराते हुए पढ़ाया गया है। साबुन व पानी का भी इंतजाम किया गया। जिला समन्वयक एमडीएम फिरोज अहमद ने बताया कि 613 स्कूलों में मीनू के अनुसार मिड-डे मील का इंतजाम कराया गया है। बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि पहले दिन 395 कंपोजिट, 256 उच्च प्राथमिक और 14 सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा आठ के बच्चों से कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखकर गाइडलाइन का पालन कराया गया। सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के बीईओ और डीसी ने स्कूलों का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया है।
डीआईओएस गोविंद राम ने बताया कि जिले के चार राजकीय, 19 माध्यमिक व 112 निजी स्कूलों के साथ-साथ सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड वाले सभी स्कूलों में भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराया गया। पायनियर पब्लिक स्कूल के प्रबंधक डॉ. एमपी तिवारी ने बताया कि बुधवार को 100 बच्चों को स्कूल बुलाया गया था। बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग व हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही कक्षाओं में जाने की अनुमति दी गई। स्कूल आने वाले बच्चों के अभिभावकों से पहले ही सहमति पत्र भरवा लिया गया था। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि जिले के 25 मदरसों में भी कक्षा आठ के छात्र-छात्राओं को पहले दिन पढ़ाया गया है।
अफसरों से तलब की गई रिपोर्ट
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के साथ अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारियों से कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों के संचालन संबंधी रिपोर्ट तलब की गई है। सभी अफसरों को फोटोग्राफ सहित स्कूलों के संचालन की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। - श्रुति, डीएम