तुलसीपुर। स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे दो विद्यार्थियों को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। बसंत लाल इंटर कॉलेज से करीब 100 मीटर दूर हुए इस हादसे में कक्षा 10 के छात्र अरुण निषाद (14) की मौत हो गई, जबकि उनकी सहपाठी सोनाली गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम रमवापुर निवासी अरुण निषाद बुधवार को रोज की तरह साइकिल से स्कूल गया था। उसके साथ पड़ोस में रहने वाली और उसी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा सोनाली गुप्ता भी थी। दोनों परिवारों के घनिष्ठ संबंध होने के कारण सोनाली अक्सर अरुण के साथ ही स्कूल आती-जाती थी।
दोपहर में छुट्टी के बाद दोनों एक ही साइकिल से घर लौट रहे थे। स्कूल से करीब 100 मीटर आगे बढ़ने पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल में टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों छात्र सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल-112 पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने अरुण को मृत घोषित कर दिया। सोनाली की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हादसे के बाद लोगों ने ट्रक को रोक लिया, लेकिन चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर थाने पहुंचा दिया है। प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि चालक की तलाश की जा रही है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल के बाहर फिर उठा सुरक्षा का मुद्दा
घटना ऐसे स्थान पर हुई, जहां स्कूल की छुट्टी के समय बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पैदल और साइकिल से आवागमन करते हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने स्कूल के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और प्रभावी यातायात व्यवस्था लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि स्कूल समय में भारी वाहनों पर प्रतिबंध या गति नियंत्रण से ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
मुंबई में पिता, गांव में मां... बेटे की मौत से टूट गया परिवार
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 14 वर्षीय अरुण निषाद अपने परिवार की उम्मीदों में शामिल था। वह छह भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर था। परिवार में मां के साथ पांच भाई और एक बहन हैं, जबकि पिता और बड़े भाई रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं।
चचेरे भाई रामकुमार ने बताया कि अरुण रोज की तरह सुबह साइकिल से स्कूल गया था। हादसे की सूचना मिलते ही घर में मातम पसर गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। गांव के अधिवक्ता अफरोज ने बताया कि अरुण पढ़ाई में होनहार, शांत स्वभाव और अनुशासित छात्र था। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद मुंबई में काम कर रहे पिता घर के लिए रवाना हो गए हैं।
फोटो-22-अरुण निषाद।-फाइल फोटो