बलरामपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) धर्मवीर सिंह ने नोएडा के अपर जिलाधिकारी प्रशासन के पद तैनात मंगलेश दुबे के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। पुलिस को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कराने का आदेश दिया है। करीब चार वर्ष पूर्व तुलसीपुर में एसडीएम के पद तैनाती के दौरान एक अधिवक्ता से मारपीट के मामले में यह आदेश जारी हुआ है।
तुलसीपुर के पचपेड़वा क्षेत्र के निवासी अधिवक्ता विनोद कुमार दुबे ने आरोप लगाया था कि तुलसीपुर में एसडीएम रहते हुए मंगलेश दुबे ने उनके साथ मारपीट की थी। शिकायत पर अदालत ने आरोपी को कई बार समन भेजा, लेकिन वह पेश नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया, जिसका पालन भी नहीं किया गया। समन और जमानती वारंट दोनों की अवहेलना पर बुधवार को सीजेएम कोर्ट ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। यह आदेश 14 अगस्त 2025 को जारी हुआ है। उस समय मामले की रिपोर्ट पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। जिस पर न्यायालय में पीड़ित ने अपील की थी। जिसकी सुनवाई हो रही है।
जमीन की पैमाइश के दौरान मारपीट का है आरोप
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में की गई अपील के अनुसार 05 जुलाई 2023 को एसडीएम तुलसीपुर रहे मंगलेश दुबे राजस्व कर्मियों के साथ पचपेड़वा गांव पहुंचे। पीड़ित विनोद कुमार दुबे ने बताया कि निजी वाहन से पहुंचे एसडीएम एक जमीन की पैमाइश कराना चाह रहे थे। आयुक्त देवीपाटन के न्यायालय का स्थगनादेश उन्होंने दिखाया तो एसडीएम ने आदेश की प्रति को फाड़ दी। इसके साथ ही राजस्व कर्मियों तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राजेश्वरी मौर्य, लेखपाल रघुनाथ तिवारी के साथ मिलकर मारपीट की। थाने पर तहरीर दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद सीजेएम कोर्ट पर 26 सितंबर 2023 को याचिका दाखिल किया।