बलरामपुर। सरकारी स्कूलों में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों में पंजीकृत बच्चों को औपचारिक शिक्षा देने के लिए दाखिला कराया जाएगा। गैर मान्यता प्राप्त 233 मदरसों के बच्चों को बेसिक स्कूलों में ट्रांसफर कराया जाएगा।
जिले में 25 अनुदानित व 437 मान्यता प्राप्त मदरसों का संचालन है। सभी 462 मदरसों में 21 हजार 935 बच्चों का शिक्षा सत्र 2024-25 मेें पंजीकरण है। इसके साथ ही जिले में 233 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त पाए गए हैं। इन सभी मदरसों में मुस्लिम व गैर मुस्लिम बच्चे दीन-ए-तालीम हासिल कर रहे हैं। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है।
प्रदेश सरकार ने सरकारी वित्त पोषित मदरसों में पंजीकृत गैर मुस्लिम बच्चों को औपचारिक शिक्षा देने के लिए बेसिक शिक्षा के स्कूलों में प्रवेश दिलाने का निर्णय लिया है। शासन के निर्देश पर डीएम ने सदर, उतरौला व तुलसीपुर तहसीलों के मदरसों की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। इसमें तीनों तहसीलों के सीओ के साथ बीएसए व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी शामिल हैं।
गैर मुस्लिम बच्चों को दाखिला देने वाले सभी वित्त पोषित मदरसों की विस्तृत जांच हाेगी। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों का भौतिक सत्यापन भी होगा। जांच के बाद सभी बच्चों का परिषदीय विद्यालयों में दाखिला कराया जाएगा।
शासन के निर्देश पर तैयार होगी रिपोर्ट
शासन के निर्देश पर सभी मान्यता प्राप्त व गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच करके रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मदरसों से गैर मुस्लिम बच्चों को चिह्नित कर औपचारिक शिक्षा के लिए परिषदीय स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
-यशवंत मौर्य, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी