महराजगंज तराई। तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम परसपुर के पास शनिवार रात नहर कट गई। नहर का पानी भरने से 50 बीघे फसल डूब गई। खेतों में पानी भर जाने से सरसों, मटर, चना, मसूर व गेंहू को नुकसान हुआ है। नाराज किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बाद भी समस्या दूर नहीं कराई जा रही है। किसानों ने डीएम को प्रार्थना पत्र भेजकर फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने व नहर कटने की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
किसान अमित वर्मा, चांद बाबू, लड्डू वर्मा, प्रकाश, उमेश, गुरुप्रसाद, अर्जुन, विश्राम, बेचूदयाल, मनोहरलाल, मनोज, रामशंकर, विष्णु व दिनेश ने बताया कि शनिवार रात अचानक ग्राम परसपुर के पास पानी का अधिक दबाव होने से नहर कट गई। इससे आसपास के खेतों में नहर का पानी भर गया। नहर का पानी भर जाने से 50 बीघे में लगी सरसों, मटर, चना, मसूर व गेंहू की फसल पानी में डूब गई। अधिक पानी भर जाने से फसलों का नुकसान हुआ है।
कहा कि किसान मेहनत करके फसलों की बोआई करते हैं। किसानों की कड़ी मेहनत व गाढ़ी कमाई नहर के पानी में डूब गई है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। नहर के बंधे जर्जर होने से कट गई है। बंधों के मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। किसानों ने डीएम से मांग की कि फसलों के नुकसान का जल्द मुआवजा दिलाया जाए। साथ ही बार-बार नहर कटने की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। इससे पहले भी कई बार नहर कट चुकी है, जिससे किसानों को फसलों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गेट खोलने से हुई समस्या
परसपुर गांव के पास नहर कट गई है। नहर का पानी खेतों में भर गया है। मौके पर एई व जेई को भेजा गया है। जल्द ही नहर की मरम्मत कराकर समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
-अखिलेश कुमार सिंह, एक्सईएन चित्तौड़गढ़ बांध
लेखपाल से कराया जा रहा आकलन
परसपुर गांव के पास नहर कटने से लगी फसलों के नुकसान की सूचना मिली है। लेखपाल को नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया गया है। लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-राकेश कुमार जयंत, एसडीएम तुलसीपुर