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Balrampur News: सेतु बंदी का असर ढुलाई पर, मौरंग, गिट्टी और सीमेंट के दाम बढ़े

Mon, 13 Apr 2026 11:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-27- नगर के बहराइच मार्ग पर ट्रक से सीमेंट उतारते श्रमिक। संवाद
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बलरामपुर। संजय सेतु की दो माह की बंदी बाजार पर बड़ा असर डालने जा रही है। 16 अप्रैल से लागू होने वाली इस बंदी के बाद लागू डायवर्जन से माल भाड़ा बढ़ जाएगा। इसका असर आने वाले दिनों में बाजार में महंगाई के रूप में दिखना तय माना जा रहा है। मौरंग, गिट्टी और सीमेंट के दाम में फुटकर व्यापारियों ने बढ़ा दिए हैं।
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अब तक गोंडा होते हुए बलरामपुर का बाजार लखनऊ, कानपुर और अन्य बड़े शहरों से तेजी से जुड़ा हुआ था। लेकिन मरम्मत के लिए सेतु बंद होने के बाद अयोध्या या चहलारी घाट होकर लंबा रूट अपनाना पड़ेगा, जिससे दूरी 70 किलोमीटर तक बढ़ जाएगी। ट्रांसपोर्टरों ने भी संकेत दे दिए हैं कि किराया किलोमीटर के हिसाब से बढ़ाया जाएगा। व्यापारी प्रशांत गुप्त ने बताया कि भाड़ा में 10 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी होनी तय है। इससे कपड़ों के मूल्य में 10 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी होनी तय है। इसी तरह राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि मौरंग और गिट्टी लाने वाले ट्रांसपोर्टरों ने साफ कह दिया है कि किराया बढ़ना तय है। 10 से 15 हजार रुपये प्रति ट्रक किराया बढ़ेगा। इसी तरह फुटकर में मौरंग व गिट्टी के व्यापारी दिनेश ने बताया कि पांच रुपये प्रति वर्ग फुट मूल्य बढ़ेगा। मजबूरी है, बढ़ोतरी तो करनी ही पड़ रही है। - संवाद
निर्माण सामग्री पर सबसे पहले असर
हमीरपुर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली मौरंग की सप्लाई पर इसका सबसे पहले असर पड़ेगा। पहले ही महंगी चल रही मौरंग अब और महंगी हो सकती है। प्रति ट्रॉली ढुलाई में बढ़ोतरी होने से मकान निर्माण की लागत बढ़ेगी। ठेकेदार बृजेश कुमार का कहना है कि छोटे निर्माण कार्य भी प्रभावित होंगे और कई लोग निर्माण टाल सकते हैं। कुछ व्यापारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों ने पहले ही किराया बढ़ाने की मौखिक जानकारी दे दी है। थोक बाजार में भी कीमतों में हलचल शुरू हो गई है। आने वाले एक-दो सप्ताह में इसका असर खुदरा बाजार तक पहुंचने की संभावना है। संवाद
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रेडीमेड, जूते-बैग और कपड़ा कारोबार के साथ सब्जी पर भी असर
कानपुर, आगरा और लखनऊ से जिले में बड़ी मात्रा में रेडीमेड कपड़े, जूते, बैग, बेल्ट और अन्य फैशन से जुड़े सामान आते हैं। व्यापारियों के अनुसार, एक ट्रक पर लगने वाला अतिरिक्त भाड़ा सीधे प्रति पीस लागत में जुड़ जाएगा। इसका असर खुदरा बाजार में दिखाई देगा और ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। लखनऊ व आसपास के इलाकों से आने वाली हरी सब्जियों और फलों की सप्लाई भी प्रभावित होगी। लंबी दूरी और ट्रैफिक जाम के कारण माल देर से पहुंचेगा, जिससे ताजगी पर असर पड़ेगा। खराब होने का जोखिम बढ़ेगा, जिसे व्यापारी कीमत बढ़ाकर संतुलित करने की कोशिश करेंगे। इससे आम उपभोक्ता पर सीधा बोझ पड़ेगा। - संवाद
सप्लाई चेन पर पड़ेगा असर, स्टॉकिंग की तैयारी शुरू
व्यापारियों ने संभावित संकट को देखते हुए पहले से स्टॉक बढ़ाना शुरू कर दिया है। हालांकि, लंबे समय तक स्टॉक बनाए रखना हर व्यापारी के लिए संभव नहीं है। खासकर छोटे दुकानदारों के लिए यह बड़ी चुनौती बन सकती है। सप्लाई में देरी होने पर बाजार में कुछ वस्तुओं की कमी भी देखने को मिल सकती है। वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक बढ़ने से जाम की समस्या बढ़ेगी। ट्रकों और बसों को अधिक समय लगेगा, जिससे एक दिन में कम चक्कर लग पाएंगे। इससे ट्रांसपोर्टरों की लागत भी बढ़ेगी, जिसका सीधा असर भाड़े पर पड़ेगा। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि सेतु मरम्मत जरूरी है, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत किए बिना बंदी से जिले की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।
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निर्माण सामग्री के नए दाम
सामग्री - पुराना रेट - नया रेट
मौरंग - 72 रुपये - 77 रुपये फुट
गिट्टी - 60 रुपये - 65 रुपये फुट
सीमेंट - 350 रुपये - 355 रुपये बोरी
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