बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट जंगल के गेरुआ नदी में बोटिंग बंद हो गई है। पर्यटक केवल जंगल सफारी कर वापस लौट रहे हैं। इसका कारण नदी में पानी कम होना बताया जा रहा है। वहीं कतर्नियाघाट में पशुओं के लिए पहला पशु पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण किया जा रहा है। यहां पशु चिकित्सकों की नियमित तैनाती होगी।
कतर्नियाघाट जंगल में पर्यटक जंगल सफारी के साथ ही गेरुआ नदी में बोटिंग के लिए आते हैं। देखा जाए तो प्रतिदिन केवल बोटिंग के लिए सौ से 150 पर्यटक अपनी बारी का इंतजार करते हैं। इसी से विभाग को मोटी कमाई भी होती है। इसके बाद पर्यटकों का रुझान जंगल सफारी की ओर होता है। जहां जिप्सी से पर्यटक पूरा जंगल घूमते हैं। जंगल के अंदर बहने वाली गेरुआ नदी का जलस्तर कम हो गया है। इस नदी में नेपाल की कर्णाली नदी का पानी आता है। यह नदी नेपाल में सूखने के कगार पर है। इसीलिए गेरुआ नदी भी सूख रही है।
इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने एक सप्ताह से नदी में बोटिंग का कार्य बंद कर दिया है। पर्यटकों के लिए केवल जंगल सफारी खुला हुआ है। इसकी जानकारी न होने के कारण बोटिंग की आस में घाट पर जाने वाले पर्यटकों को मायूस लौटना पड़ रहा है। इस संबंध में कतर्नियाघाट वन निगम के व्यवस्थापक डेविड सिंह ने बताया कि यहां पानी की कमी के कारण यहां तीन अप्रैल से ही बोटिंग बंद कर दी गई है।
कतर्नियाघाट में बन रहा पहला पशु पोस्टमार्टम हाउस
बहराइच जिले में पशुओं के लिए पोस्टमार्टम हाउस नही है। पशु चिकित्सक अस्पताल में लाकर या फिर वन्य जीव के मामलों में रेंज पर आकर पोस्टमार्टम करते है। लेकिन कतर्नियाघाट जंगल में वन्यजीवों के लिए पहला पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण किया जा रहा है। यहां पशु चिकित्सक भी तैनात रहेंगे।