गैसड़ी क्षेत्र के परसरामपुर गांव को जाने वाला दुर्गम रास्ता। संवाद
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बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के मरीजों के लिए अच्छी खबर है। अब जंगल व पहाड़ी इलाकों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग बाइक एंबुलेंस की सुविधा देगा। इससे न ग्रामीण इलाकों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गैसड़ी व पचपेड़वा के 54 गांव जंगल के बीचोबीच स्थित हैं, जिन्हें वनटांगिया गांव नाम दिया गया है। इन गांवों तक पहुंचने के लिए रास्ता बहुत दुर्गम है। जंगल व पहाड़ों के बीच सकरा रास्ता होने के कारण चार पहिया एंबुलेंस गांवों तक नहीं पहुंच पाती है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कत होती है। साइकिल या चारपाई के माध्यम से किसी तरह गंभीर मरीज अस्पताल पहुंच पाते हैं। मरीजों तक पहुंच आसान बनाने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग 20 बाइक एंबुलेंस खरीदेगा। बाइक एंबुलेंस सेवा संचालित होने से गैसड़ी व पचपेड़वा ब्लॉक के दुर्गम क्षेत्रों से गर्भवती महिलाओं, शिशुओं व अन्य गंभीर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। (संवाद)
मरीजों को मिलेगी सुविधा
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बाइक एंबुलेंस नगर की उन गलियों व गांवों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में मददगार होगी, जहां चार पहिया एंबुलेंस नहीं पहुंच सकती। गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल लाने में भी कारगर साबित होगी। स्वास्थ्य विभाग बाइक एंबुलेंस के रखरखाव व संचालन की व्यवस्था करेगा।
- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर