फोटो-17-बलरामपुर के विकास भवन सभागार में लॉटरी की पर्ची निकालती महिला ।-संवाद
बलरामपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं के तहत बुधवार को विकास भवन सभागार में लाभार्थियों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया गया। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता की मौजूदगी में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए महिला के हाथों पर्चियां निकलवाकर चयन कराया गया।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि सामान्य एवं पिछड़े वर्ग के गरीब परिवारों के लिए संचालित बकरी पालन योजना के तहत 15 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। प्राप्त आवेदनों में से लॉटरी के माध्यम से 14 लाभार्थियों का चयन किया गया। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को पांच बकरी और एक बकरा पालन के लिए 60 हजार रुपये की इकाई लागत निर्धारित है। इसमें 90 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत अंशदान लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में अनुदान-83 योजना के तहत बकरी पालन के लिए 17 लाभार्थियों का चयन किया गया। वहीं भेड़ पालन योजना के लिए पांच लाभार्थियों का चयन हुआ। इस योजना में 20 भेड़ और एक भेड़ा पालन के लिए 1.20 लाख रुपये की इकाई लागत निर्धारित की गई है। इसमें भी 90 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है, जबकि 10 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं लगानी होगी।
सीडीओ ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों को रोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है। बकरी और भेड़ पालन से ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आमदनी का स्रोत मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।