फोटो-15-थारू बहुल ग्राम बेतहनिया कन्हईडीह में पैतृक कृषि भूमि दिखाते लोग।-संवाद
जरवा। विकासखंड गैसड़ी के थारू बहुल ग्राम बेतहनिया कन्हईडीह में पैतृक कृषि भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। चित्तौड़गढ़ बांध परियोजना के अंतर्गत बने मजगवां जलाशय के कर्मचारियों द्वारा खेती करने से रोकने और नोटिस जारी किए जाने के बाद दर्जनों थारू परिवारों में भय और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीणों ने एसडीएम, जिलाधिकारी और देवीपाटन मंदिर के महंत को पत्र भेजकर अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर उनके पूर्वज वर्षों से खेती करते आ रहे हैं, आज उसी पर उनका अधिकार संकट में पड़ गया है। सरिता, श्यामकली, माया, अनारकली, अंगनू, अयोध्या, विकास, विशाल, अर्जुन, सुरेश, मुन्ना और ओमप्रकाश समेत कई परिवारों ने आरोप लगाया कि जलाशय विभाग के कर्मचारी कृषि कार्य में हस्तक्षेप कर रहे हैं और नोटिस देकर खेतों से दूर रहने का दबाव बना रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर महाराणा प्रताप जनजातीय सेवा संस्थान के अध्यक्ष मदनलाल जायसवाल और भाजपा जिला संयोजक रामकृपाल शुक्ला गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें विवादित भूमि दिखाते हुए कहा कि यही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। यदि जमीन उनसे छिन गई तो परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत के बाद मदनलाल जायसवाल ने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि थारू जनजाति के लोगों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
डीएम ने जांच का दिया भरोसा
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मामले की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया है। वहीं, जलाशय विभाग के अवर अभियंता धीरेंद्र कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जिलेदार ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी की गई थी। अब प्रशासनिक जांच और उसके निष्कर्ष पर प्रभावित परिवारों की निगाहें टिकी हैं। यदि जमीन पर उनका दावा सही पाया जाता है तो विवाद के समाधान की दिशा तय होगी।