अमर उजाला में 16 मार्च को प्रकाशित खबर
बलरामपुर। जिले के प्राथमिक विद्यालयों का निपुण आकलन किए जाने का आदेश बुधवार को आखिरकार जारी हो गया। 17 फरवरी को पूरे प्रदेश में निपुण आकलन हुआ था, लेकिन जिले के विद्यालयों में डायट को डीएलएड प्रशिक्षु न मिलने से नहीं हो सका था। 13 मार्च को जारी निपुण परिणाम में भी एक भी विद्यालय शामिल नहीं था। दोनों स्थितियों की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। महानिदेशक स्कूली शिक्षा कंचन वर्मा ने जिले के विद्यालयों में निपुण आकलन न होने के मामले का संज्ञान लिया।
परीक्षा 17 फरवरी को तय थी, लेकिन परीक्षा न होने पर अमर उजाला ने 18 के अंक में पेज तीन पर बिना मान्यता के डायट, नहीं हो सका निपुण आकलन शीर्षक से खबर प्रकाशित की। उस समय परीक्षा कराने की व्यवस्था नहीं हो सकी। इसके बाद 13 मार्च को निपुण आकलन का परिणाम जारी हुआ। 17 मार्च के अंक में एक भी विद्यालय को नहीं मिला निपुण का खिताब शीर्षक से खबर प्रकाशित की। बिना निपुण विद्यालय के ही प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किए जाने के लिए बजट जारी होने की खबर में शामिल किया गया। इससे विभाग की किरकिरी हुई।
महानिदेशक ने डायट बहराइच को बलरामपुर जिले के प्राथमिक विद्यालयों के निपुण आकलन कराने का निर्देश दिया। बृहस्पतिवार को ही हरैय्या सतघरवा के 56, गैड़ास बुजुर्ग में 50 विद्यालय, तुलसीपुर के 131 प्राथमिक विद्यालयों का निपुण आकलन होगा। पहले चरण में 237 विद्यालयों के निपुण आकलन की प्रक्रिया शुरू की गई है। डायट प्राचार्य मृदुला आनंद ने बताया कि डायट पयागपुर बहराइच से प्रशिक्षुओं को विद्यालय आवंटित किया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि समय से निपुण आकलन कराएं।