बलरामपुर। आपदा पीड़ित का छह लाख रुपये हड़पने वाले प्रधान से बुधवार को जवाब तलब किया गया है। जिला प्रशासन ने प्रधान के खिलाफ कार्रवाई का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जांच में शिकायत की पुष्टि होने पर ग्राम प्रधान सहित दो लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पीड़ित को छह लाख रुपये वापस न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
रेहरा बाजार ब्लॉक के ग्राम कालू बनकट बिलरिया निवासी जन्नतुननिशा ने डीएम पवन अग्रवाल को जनता दर्शन में शिकायत दर्ज कर बताया कि 17 जून 2024 को उसकी चार बेटियाें मेहरबानो (9), मेहरुननिशा (11), रुक्साना (13) व रेशमा (15) की कुवानों नदी में डूबने से मौत हो गई थी। उसे 16 जुलाई 2024 को 16 लाख रुपये की आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद का चेक उतरौला तहसील में दिया गया था। पंजाब नेशनल बैंक शाखा मेहाली में उसके खाता संख्या 2760000101101401 में 16 लाख रुपये जिला कोषागार से ट्रांसफर किए गए थे। गांव के प्रधान जाबिर अली ने धोखाधड़ी करके विनय मेडिकल स्टोर के नाम से संचालित खाते में छह लाख रुपये भिजवा लिए।
डीएम ने तहसीलदार उतरौला से मामले की जांच कराई, जिसमें इसकी पुष्टि हुई। शिकायत के बाद प्रधान ने एक लाख रुपये नकद लौटाते हुए पीड़ित परिवार पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। पीड़ित परिवार को मिला पैसा धोखाधड़ी से हड़पने वाले कालू बनकट बिलरिया के ग्राम प्रधान जाबिर अली व मेडिकल स्टोर संचालक विनय वर्मा के खिलाफ रेहरा बाजार थाना में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
डीएम पवन अग्रवाल के निर्देश पर डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय ने बुधवार को कालू बनकट बिलरिया के ग्राम प्रधान जाबिर अली से जवाब तलब किया है। सात दिन के अंदर इस मामले में संतोषजनक जवाब न देने पर ग्राम प्रधान के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।