महराजगंज तराई (बलरामपुर)। सवा दो लाख रुपये की लागत से तुलसीपुर ब्लॉक के मैनहावा गांव में बना पशु आश्रय स्थल वीरान पड़ा हुआ है। स्थानीय अफसरों की लापरवाही के चलते आश्रय स्थल में छुट्टा मवेशियों को नहीं रखा जा रहा है। छुट्टा मवेशियों को पशु आश्रय स्थल में न बांधे जाने से किसानों के फसलों भारी नुकसान कर रहे हैं। सीएम की अति महात्वाकांक्षी योजना परवान नहीं चढ़ रही है। ग्रामीणों ने सरकारी धन का बंदरबांट किए जाने की शिकायत बीडीओ से की है।
ग्रामीण विजय, राजू, नियाज, जबीउल्ला व राजेंद्र आदि ने बीडीओ को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि तुलसीपुर ब्लॉक के मैनहवा गांव में वित्तीय वर्ष 2018-19 में दो लाख 22 हजार रुपये की लागत से पशु आश्रय स्थल का निर्माण कराया गया था। सीएम योगी आदित्यनाथ की अति महात्वाकांक्षी योजना स्थानीय अफसरों के लापरवाही से परवान नहीं चढ़ रही है। पशु आश्रय स्थल वीरान पड़ा हुआ है।
आश्रय स्थल में पशुओं के लिए न तो चारे और न ही पानी आदि का इंतजाम है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय अधिकारी से शिकायत करने के बाद भी पशु आश्रय स्थल में चारे व पानी का इंतजाम नहीं किया जा रहा है। स्थानीय अधिकारी पशुओं के चारे व पानी पर खर्च होने वाली धनराशि का बंदरबांट कर रहे हैं।
क्षेत्र में छुट्टा जानवर किसानों के फसलों को तबाह कर रहे हैं। फसलों की बर्बादी होने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने लापरवाह स्थानीय अफसर के खिलाफ मामले की डीएम व बीडीओ तुलसीपुर से शिकायत की है। मामले में जांच व कार्रवाई न किए जाने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
बीडीओ तुलसीपुर राजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। तुलसीपुर ब्लॉक के मैनहवा गांव में पशु आश्रय स्थल के संचालन में गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल विधिक कार्रवाई की जाएगी।