बलरामपुर। एमएलके महाविद्यालय के प्राणि विज्ञान में मंगलवार को वर्मी कल्चर टेक्नोलॉजी से संबंधित कार्यक्रम कराया गया। छात्र छात्राओं को रहन सहन व होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी गई।
प्राणि विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि 49 परास्नातक के छात्र रजिस्टर्ड है। यह पाठ्यक्रम तीन महीने का होता है जो पिछले ढाई महीनों से चलाया जा रहा है। छात्रों को परिचय कराने के साथ साथ केचुए के अंडे, बच्चे आदि के जीवनकाल का अध्ययन कराया जाता है। साथ ही छात्रों को यह भी जानने का अवसर मिलता है कि केचुआ किस तापमान व अवस्था में रह सकता है।
वर्मी कल्चर से आरगेनिक फ्लटीलाइजर कैसे बनाया जाता है इस बारे में भी छात्रों को जानकारी दी गई। वर्मी कंपोस्ट से तैयार किए गए खाद्य पदार्थो के बारे में भी छात्रों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम में डॉ. सतगुर प्रसाद, डॉ. दिनेश मौर्य, डॉ. आरबी त्रिपाठी, वर्षा सिंह, साक्षी श्रीवास्तव, माध्वी, आंचल गुप्ता, साक्षी शुक्ला, नबा निहाल, पंकज यादव, रंजीत यादव आदि मौजूद रहे।