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Balrampur News: अस्पतालों में जिदंगी से खिलवाड़ के साथ ही चल रहा बच्चा चोरी का धंधा

Sun, 28 Apr 2024 09:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर। जिले में संचालित निजी अस्पतालों में लापरवाही से मौत के मामलों के साथ ही नवजात बच्चे की चोरी के मामले भी खुल चुके हैं। में अवैध रूप से चल रहे 60 निजी अस्पतालों को विभाग द्वारा नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन अधिकारी पांच माह बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं कर सके हैं।
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जिले में स्वास्थ्य विभाग ने महज 45 निजी अस्पतालों को पंजीकरण की अनुमति दी है। इसके बाद भी 69 अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अवैध ढंग से चल रहे हैं। जिसमें एक ने कार्रवाई शुरू हाेने पर बंद कर दिया है। वहीं आठ अस्पतालों को तो सील किया है, लेकिन विभागीय अधिकारी 60 अस्पतालों को नोटिस जारी कर कार्रवाई करना भूल गए। विभाग का दावा है कि 30 अप्रैल तक पंजीकरण के लिए आवेदन मौका है। इसके बाद जो भी अवैध संचालन मिलेगा, उसके विरुद्व कार्रवाई की जाएगी।
इन पर हो चुकी कार्रवाई
- गैड़ास बुजुर्ग के अनिल कुमार कहना हैं कि बीते एक नवंबर 2023 को सादुल्लाह नगर में संचालित एक अस्पताल में उसकी पत्नी रीना कुमारी की मौत हो गयी थी। इसमें अस्पताल संचालक समेत चार के विरुद्व केस दर्ज हुआ।
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वहीं सादुल्लाह नगर बाजार स्थित एचएफ हास्पिटल में मनुआगढ निवासी कौशल की पत्नी चांदनी की गलत इलाज के कारण 28 अगस्त 2023 को मौत हो गई थी। परिजनों ने काफी हंगामा किया तो हास्पिटल का पूरा स्टाफ फरार हो गया।
पकडी भुआरि थाना रेहरा बाजार निवासी बच्चा राम की बहन संजू का इलाज उसी गांव के एक निजी चिकित्सक ने किया। गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से एक अप्रैल 2024 को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी राजू को गिरफ्तार किया।
- पचपेड़वा के एक नर्सिंग होम में नवजात बच्चा चोरी का मामला चर्चा में रहा। उसकी मां ने 29 नवंबर 2023 को केस दर्ज कराया तो पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश किया।
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ये हैं मानक

निजी नर्सिंग संचालन के लिए एमबीबीएस डॉक्टर का होना चाहिए।
30 बेड अस्पताल के लिए अग्निशमन विभाग का एनओसी होना चाहिए।
अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल कचरे के निस्तारण की व्यवस्था होनी चाहिए।

कार्रवाई की जा रही
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पतालों में मानक की अनदेखी उजागर हुई है। बीते 11 दिसंबर को चौधरी फालिज क्लीनिक में कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं था। ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। आगे भी कार्रवाई की जा रही है।
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-निजी अस्पतालाें को अवैध ढंग से संचालित किए जाने के मामले संज्ञान में आएं हैं। जांच के लिए टीम बनाई गई है। कार्रवाई की जा रही है।
डा. मुकेश रस्तोगी, सीएमओ
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