फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur News: राज बनकर लड़कियों को जाल में फंसाता था अहमद

Fri, 15 May 2026 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा स्थित प्रसिद्ध दरगाह क्षेत्र इन दिनों लगातार सामने आ रहे धर्म परिवर्तन और युवतियों के शोषण के मामलों को लेकर चर्चा में है।
विज्ञापन

किछौछा क्षेत्र में संचालित लॉज, गेस्ट हाउस और होम स्टे अपनी कारगुजारियों के लिए चर्चा में हैं। ताजा मामला आजमगढ़ की सगी बहनों का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर इन पर सवाल उठने लगे हैं। महज 19 साल के राज उर्फ अहमद ने किछौछा में न सिर्फ सगी बहनों का धर्म परिवर्तन कराया बल्कि अन्य कई हिंदू लड़कियों को भी अपने जाल में फंसाया था, जिन्हें वह बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने की जुगत में था।
किछौछा में हाल ही में वाराणसी से भागे प्रेमी युगल ने भी शरण ली थी। इस प्रकरण में धर्म परिवर्तन कराने की आशंका व्यक्त की गई थी। हंगामा भी खूब हुआ था। इससे पहले यहां गुजरात, राजस्थान समेत अन्य प्रांतों और यूपी के कई शहरों के लोग भी बिना किसी पूछताछ और दस्तावेज के शरण लेते रहे हैं। आजमगढ़ के रौनापार क्षेत्र से सगी बहनों का अपहरण कर किछौछा में धर्म परिवर्तन कराने वाला अहमद पहले लड़कियों को अपना नाम सिर्फ राज ही बताता था।
विज्ञापन

बाद में वह उन्हें अपनी बातों और उज्ज्वल भविष्य के सपने दिखाकर जाल में फंसाने के बाद धर्म परिवर्तन कराने की तैयारी शुरू कर देता था। प्राथमिक पूछताछ के दौरान पता चला है कि राज कई और हिंदू लड़कियों व महिलाओं के संपर्क में था और उन्हें भी अपने जाल में फंसाने की कवायद कर रहा था। हालांकि इससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
अब पुलिस राज का पूरा इतिहास खंगालने में जुट गई है। इससे किछौछा क्षेत्र में धर्म परिवर्तन कराने से लेकर शरण देने वाले लोगों पर भी शिकंजा कसेगा।
g बैठकों से नहीं हो रहा सुधार : इससे पहले एक मौलाना पर झाड़फूंक के बहाने महिला के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। महिला के पति ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद आरोपी को जेल भेजा गया था।
दरगाह क्षेत्र के गेस्ट हाउसों की कार्यप्रणाली को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि बिना पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेजों के कमरे किराये पर दिए जाते हैं। अधिकांश गेस्ट हाउस में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी संभव नहीं हो पाती। प्रशासन द्वारा पूर्व में कई बैठकें किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें