बलरामपुर। गरीबी व लाचारी के चलते अपने मुकदमे की पैरवी में असमर्थ बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से अधिवक्ता की व्यवस्था कराई गई है। जिला कारागार के 34 बंदियों का मुकदमा अधिवक्ता मुफ्त में लड़ेंगे।
जनपद न्यायाधीश/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष उत्कर्ष चतुर्वेदी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को जिला कारागार का निरीक्षण कर व्यवस्था की जानकारी ली गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अतुल कुमार नायक ने जिला कारागार का निरीक्षण किया।
उन्होंने जिला कारागार में संबद्ध विधिक स्वयंसेवकों को लीगल क्लीनिक के प्रपत्रों को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। कारागार में छोटे-मोटे अपराधों, वृद्ध व असाध्य रूप से बीमार बंदियों को विधिक सहायता का लाभ लेने के बारे में बताया। कहा कि ऐसे बंदी को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से निशुल्क व्यवस्था कराई जा रही है।
महिला बंदियों के साथ कारागार में रहने वाले बच्चों को दूध और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कारागार में निरूद्ध सभी बंदियों की समस्याएं सुनीं। बंदियों को निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के बारे में जानकारी दी गई। सभी बैरकों में जाकर उन्होंने बंदियों से बात की। नियमित रूप से दवा उपलब्ध कराने के बारे में बंदियों से जानकारी ली। परिजनों से विधि के अनुसार बात करने का सुझाव दिया गया।
उन्होंने बंदियों के विधिक अधिकारों पर हनन न होने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कर सभी बंदियों/कैदियों को विधिक जानकारी दी। इस दौरान जेलर शैलेश कुमार सिंह सोनकर व डिप्टी जेलर अभय यादव आदि मौजूद रहे।