उतरौला। ऑनलाइन नामांतरण (दाखिल-खारिज) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। अधिवक्ता संघ के न्यायिक कार्य बहिष्कार के चलते तहसील न्यायालयों में 328 वादों की सुनवाई नहीं हो सकी। वहीं, उपनिबंधक कार्यालय में लगातार 11वें दिन भी एक भी बैनामे का पंजीकरण नहीं हुआ। इससे न्यायिक और राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित रहे। सुनवाई के लिए पहुंचे वादकारियों को निराश होकर लौटना पड़ा।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रहलाद यादव और महामंत्री रविशंकर मिश्र के नेतृत्व में तहसील संघ भवन में आमसभा हुई। इसमें ऑनलाइन दाखिल-खारिज व्यवस्था के विरोध में आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
न्यायिक कार्य बहिष्कार के कारण सुनवाई के लिए पहुंचे जगत पाल, हफीजुर्रहमान, कदीर खान, जफरुल इस्लाम और रामपाल समेत कई वादकारियों को बिना सुनवाई के लौटना पड़ा। तहसील परिसर में दिनभर सामान्य कामकाज भी प्रभावित रहा।
आमसभा में इजहारुल हसन, देवेंद्र निषाद, अभिमन्यु जायसवाल, परशुराम यादव, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, रामचंदर गुप्ता, रामतीर्थ जायसवाल, अखिलेश सिंह, शमशाद चौधरी, आलोक कुमार, प्रवेश गुप्ता, मुस्तफा हुसैन, शुभम गुप्ता, श्वेता सिंह, आयशा फेजान, गजनफर अली, निजामुद्दीन अंसारी, आशीष कसौधन, लालजी मिश्र, आरके पांडेय, महेंद्र पांडेय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।