बलरामपुर में 20 साल से उपेक्षित अधिवक्ता चैंबर के कायाकल्प की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। बजट मिलने पर अधिवक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
बलरामपुर। दीवानी परिसर के बगल बने अधिवक्ता चैंबर के कायाकल्प की कवायद तेज हो गई है। एक करोड़ रुपये से जर्जर अधिवक्ता चैंबर का कायाकल्प कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट मिलने के बाद 20 वर्ष पुराने अधिवक्ता चैंबर का कायाकल्प होगा, जिससे अधिवक्ताओं को बैठने की सुविधा मिल सकेगी।
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वर्ष 2005 में कलेक्ट्रेट में अधिवक्ताओं के लिए शासन ने करोड़ों रुपये की लागत से 50 चैंबर का निर्माण कराया था। बार संघ को अधिवक्ता चैंबर अलाॅट न किए जाने से 20 वर्ष में बिना इस्तेमाल ही भवन जर्जर हो गया। चैंबर न होने से अधिवक्ताओं को परेशानी हो रही है। अधिवक्ताओं की इस समस्या का निराकरण कराने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है।
कलेक्ट्रेट बार संघ अध्यक्ष रमेश चंद्र त्रिपाठी, महामंत्री कमलेश्वर सिंह, युवा बार संघ अध्यक्ष अनिल कुमार शुक्ला, महामंत्री शिव योगी शुक्ल व जिला बार एसोसिएशन महामंत्री केजी श्रीवास्तव ने चैंबर निर्माण की उम्मीद पर खुशी जताई है।
अधिवक्ता चैंबर की मरम्मत कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने का इंतजार है। बजट मिलने के बाद अधिवक्ता चैंबर की मरम्मत कराई जाएगी।
-पवन अग्रवाल, डीएम