बलरामपुर। पचपेड़वा ब्लॉक में मनरेगा के लेखा सहायक को बर्खास्त कर दिया गया है। अन्य कार्मिकों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सीडीओ के निर्देश पर डीसी मनरेगा ने लेखा सहायक पर कार्रवाई की है। लेखा सहायक पर भुगतान के लिए प्रयुक्त किए जाने वाले डोंगल में हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है। सीडीओ ने सभी नौ बीडीओ, एपीओ, मनरेगा अकाउंटेंट व अन्य मनरेगा कार्मिकों के खिलाफ लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीसी मनरेगा महेंद्र देव पांडेय ने गुरुवार को बताया कि बीडीओ पचपेड़वा अनुज सक्सेना ने मनरेगा के लेखा सहायक आशीष रंजन के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की रिपोर्ट उपलब्ध कराई। बीडीओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सहायक लेखाकार आशीष ने ग्राम पंचायत बड़गौ, चोरसी, धुबौलिया, नरचहवा सैफ, रजडेरवा, शंकरपुर कला व सोनपुर क्षेत्र की 12 पुलियों की मनरेगा साइट पर एमआईएस कराकर फीड करा दिया जबकि मौके पर एक भी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ था।
इसके अतिरिक्त लेखा सहायक ने पुन: ग्राम पंचायत भाथर, हरखड़ी, सेमरहना व इमिलिया कोडर के सात कार्यों का डिले मस्टर रोल जो बीडीओ पचपेड़वा ने 9 अक्तूबर को अपने लॉगिन से रिजेक्ट किया था, उसे पुन: कूटरचित एफटीओ तैयार कर उसे लॉगिन में भेजकर अनियमित भुगतान करा दिया। लेखा सहायक ने जानबूझकर कार्यों में अनियमितता की। मौखिक रूप से सचेत करने के बाद भी लेखा सहायक की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। अनियमित आचरण के कारण सहायक लेखाकार आशीष को 19 अक्तूबर को पचपेड़वा ब्लॉक से कार्य मुक्त कर डीसी मनरेगा के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
बीडीओ पचपेड़वा की रिपोर्ट के आधार पर सहायक लेखाकार पचपेड़वा आशीष रंजन की सेवा सीडीओ अमनदीप डुली के निर्देश पर डीसी मनरेगा ने 30 अक्तूबर को समाप्त कर दी है। डीसी मनरेगा ने अन्य तकनीकी सहायकों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। आशीष रंजन के स्थान पर एक सप्ताह के अंदर अखंड ज्योति जन कल्याण सेवा समिति से दूसरे कार्मिक को उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा गया है।
सीडीओ अमनदीप डुली ने सभी नौ बीडीओ, एपीओ, मनरेगा अकाउंटेंट, तकनीकी सहायकों व अन्य कार्मिकों पर मनरेगा कार्य में लापरवाही व अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है।