बलरामपुर। नगर के चौक-गर्ल्स कॉलेज रोड पर गैस वाले की दुकान से तेज आवाज के साथ सिलिंडर में धमाका होने से बाजार में अफरातफरी मच गई। घटना में किसी को चोट तो नहीं आई मगर धमाके से मकान की छत व दीवार दरक गई है। पुलिस ने कुछ देर के लिए रास्ता बंद कराकर मौका मुआयना किया। पुलिस ने मामले में छानबीन कर मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।
चौक में ओमप्रकाश के मकान के अगले हिस्से में उनका नाती माता प्रसाद रसोई गैस सिलिंडर का काम करता है। शनिवार सुबह 11.30 बजे उनके घर में अचानक तेज धमाकों से पूरा इलाका थर्रा गया। इसके साथ ही मकान के अगले हिस्से में आग लग गई। घरवालों ने तुरंत बाहर भागकर जान बचाई। मोहल्ले में अफरातफरी के बीच ओमप्रकाश के घर से धुआं निकलते देख लोगों ने उनके घर से भरे हुए 17 एलपीजी सिलिंडर निकालकर वाहन पर लादकर हटवा दिए। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने पुलिस व स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। पुलिस ने कुछ देर के लिए आवागमन बंद कराकर मौका मुआयना किया तो पता चला कि तेज धमाके से ओमप्रकाश के पड़ोसी अजय श्रीवास्तव के मकान व गुलाम मोहम्मद की दुकान में दरार पड़ गई है।
ओमप्रकाश ने बताया कि उनके यहां भरे हुए 20 सिलिंडर रखे थे। मलबे में दगे हुए दो बड़े व एक छोटे सिलिंडर के अवशेष मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि बड़े सिलिंडर से छोटे में रिफिलिंग के दौरान लीकेज से धमाका हुआ है। हालांकि प्रभारी निरीक्षक संजय दुबे ने बताया कि घरवालों ने खाना बनाते समय रसोई गैस सिलिंडर में आग लगने की बात कही है। आग पर काबू पा लिया गया है। जांच की जा रही है।
बड़े हादसों से सीख नहीं ले रहा प्रशासन
बलरामपुर। आए दिन हादसों से भी प्रशासन सीख नहीं ले रहा है। जिलेभर में गैस सिलेंडर रीफिलिंग का गोरखधंधा धड़ल्ले से हो रहा है। बलरामपुर, उतरौला व तुलसीपुर में गैस सिलेंडर रीफिलिंग का कारोबार बीच बाजार में पुलिस व जिला प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रहे हैं।
भरे बाजार में दुकान के बाहर रखे सिलिंडर जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं दिखते हैं। बलरामपुर में बहराइच मार्ग पर मोहल्ला पहलवारा, रेलवे क्रॉसिंग के पास, ठठेरी बाजार, भगवतीगंज, सिटी पैलेस से बड़ा पुल चौराहा मार्ग पर गैस सिलिंडर रीफिलिंग का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसी तरह उतरौला व तुलसीपुर में घनी आबादी के बीच बाजार में गैस रीफिलिंग की दुकानें संचालित हैं। अवैध गैस रीफिलिंग की शिकायत के बावजूद इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है।
अवैध गैस रीफिलिंग से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार को जिस दुकान में गैस सिलिंडर फटा, वहां कुछ माह पहले भी गैस सिलिंडर की चपेट में आने से युवक झुलस गया था। शनिवार को घटना होने पर लोग एक-दूसरे से चर्चा करते नजर आए कि आए दिन हादसों से भी जिला प्रशासन सीख नहीं ले रहा है। यदि इस गोरखधंधे के प्रति प्रशासन इसी तरह उदासीन बना रहा तो एक दिन बड़ा हादसा हो जाएगा। संवाद
...तो तबाह हो जाता पूरा मोहल्ला
बलरामपुर। घनी आबादी के बीच चौक बाजार में ओमप्रकाश के घर में सिलिंडर में धमाके के समय 20 भरे हुए एलपीजी सिलिंडर रखे थे। गनीमत रही कि मोहल्ले वालों ने मिलकर लपटों के बीच से किसी तरह 17 सिलिंडर बाहर निकाल लिए और पुलिस व अग्निशमन दस्ता समय से पहुंच गया वरना और सिलिंडरों में धमाका होता तो पूरा मोहल्ले खतरे में पड़ जाता। न सिर्फ धमाके से सिलिंडर के टुकड़े दूर तक छिटककर लोगों को जख्मी करते बल्कि आसपास के मकान व दुकान भी आग की चपेट में आ सकते थे। जरा सी चूक पूरे मोहल्ले के खतरे में डाल सकती थी।
पुलिस-प्रशासन कड़ी कार्रवाई के बजाय मामले की दबाने में लगा है। हालांकि नगर कोतवाल संजय दुबे ने बताया कि माता प्रसाद बालाजी गैस एजेंसी का हॉकर है। जो सिलिंडर वितरण का कार्य करता है। उसके मकान के अगले में हिस्से में दुकान है, जहां गैस सिलिंडर रखे थे। सिलिंडर वहां क्यों रखे थे और किस कारण से धमाके हुए, इसकी जांच की जा रही है। मामले की छानबीन के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा। -संवाद