बलरामपुर। परिषदीय व निजी विद्यालयों में नए सत्र में बच्चों को प्रवेश दिलाने में अभिभावकों के समक्ष बच्चे का आधार कार्ड न होने से समस्या उत्पन्न हो रही है। जिन बच्चों का आधार नहीं बना है शिक्षक उनका प्रवेश नहीं ले रहे हैं। अभिभावकों को 15 दिन में आधार कार्ड बनवाकर देने की शर्त पर ही बच्चों को स्कूल में बैठने की इजाजत दे रहे हैं।
जिले के 1815 परिषदीय विद्यालयों में करीब दो लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। 169 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में सवा लाख से ज्यादा विद्यार्थी पंजीकृत हैं। सभी छात्र-छात्राओं के लिए अपार आईडी जरूरी कर दी गई है। एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो गया है। विभागीय अधिकारी बच्चों के दाखिले बढ़ाने के लिए शिक्षकों से स्कूल चलो अभियान और बच्चों की नामांकन संख्या बढ़ाने के लिए घर-घर जाकर शिक्षकों को अभिभावकाें को प्रेरित करने के निर्देश दे रहे हैं।
अभिभावक खुद भी बच्चों का प्रवेश कराने के लिए स्कूल पहुंच रहे हैं लेकिन कुछ बच्चों का आधार कार्ड न होने की वजह से उनका प्रवेश नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि बिना आधार कार्ड के बच्चे का दाखिला ले लिया जाए तो उनकी अपार आईडी और यू डायस पर एंट्री कैसे करेंगे। बिना आधार के छात्र-छात्राओं को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा।
केंद्रों का चक्कर लगा रहे अभिभावक
पेहर बाजार निवासी बृजेश चौहान ने बताया कि आधार कार्ड बनवाने के लिए कई दिनों से केंद्र का चक्कर लगा रहा हूं। नया आधार कार्ड बनवाने के लिए केंद्र पर जन्म प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है। अमित गुप्ता ने बताया कि बच्चे के जन्म के समय जन्म प्रमाणपत्र नहीं बनवाया था। अब आधार बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है। ऐसे में पहले जन्म प्रमाणपत्र बनवाएंगे उसके बाद ही आधार बन सकेगा।
सभी बीआरसी पर बन रहा आधार
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र में हाउसहोल्ड सर्वे, स्कूल चलो अभियान, शारदा अभियान में आउट ऑफ स्कूल छात्रों को चिह्नित कर अधिक से अधिक छात्रों को प्रवेश दिलाया जाएगा। सभी ब्लॉक संसाधन केंद्रों (बीआरसी) पर बच्चों का आधार कार्ड बनवाया जा रहा है। - शुभम शुक्ला, बीएसए