जरवा। भारत-नेपाल सीमा से सटे जंगल में सोमवार शाम कॉम्बिंग पर निकली जरवा पुलिस टीम का अचानक एक तेंदुए से आमना-सामना हो गया। कोतवाली से करीब 600 मीटर दूर जंगल की पगडंडी पर वयस्क तेंदुआ काफी देर तक बैठा रहा। पुलिस ने हॉर्न बजाकर उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं हटा। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस टीम को रास्ता बदलकर दूसरी दिशा से कॉम्बिंग करनी पड़ी। घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है।
प्रभारी निरीक्षक योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस टीम रोज की तरह जंगल क्षेत्र में कॉम्बिंग और गश्त पर निकली थी। इसी दौरान जरवा निवासी हीरालाल यादव के घर के पीछे जंगल की ओर जाने वाले रास्ते पर तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों ने कोई जोखिम नहीं उठाया और वाहन रोककर स्थिति का आकलन किया। काफी देर तक हॉर्न बजाने के बाद भी तेंदुआ वहां से नहीं हटा। इसके बाद टीम ने वैकल्पिक मार्ग से गश्त जारी रखी।
तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। पुलिस और वन विभाग ने ग्रामीणों से शाम और रात के समय जंगल की ओर अकेले न जाने तथा बच्चों और मवेशियों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है।
पिंजरे में बंधी बकरी, फिर भी नहीं फंसा तेंदुआ
ललिया। क्षेत्र में लगातार तेंदुए की गतिविधियां सामने आने के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। सिंहपुर-झरिहरडीह गांव के निकट मदारगढ़ के पास पहाड़ी नाले के किनारे तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। उसे आकर्षित करने के लिए पिंजरे में प्रतिदिन जीवित बकरी बांधी जा रही है, लेकिन अब तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है।
वन विभाग की टीम मदारगढ़, कमदी, उपटहवा, चैलहवा, करमैती और लालपुर समेत आसपास के गांवों में लगातार गश्त कर रही है। जंगल से सटे इलाकों में पैरों के निशान और अन्य गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
बनकटवा रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी शत्रुघ्न लाल ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि तेंदुआ दिखाई देने पर उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दें।