पांच अस्पतालों के मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ का रोका वेतन
बलरामपुर। पांच अस्पतालों के मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ का एक दिन का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। प्रशासनिक कंट्रोल न होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
सात दिन में संतोषजनक जबाब न देने पर मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है और अस्पताल में सुधार कराने का भी निर्देश दिया गया है।
सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि उन्होंने गुरुवार को सीएचसी नंदनगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंदगी व भारी खामियां पाई गई।
अस्पताल के मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ की भारी लापरवाही उजागर हुई है। अस्पताल में प्रशासनिक कंट्रोल न होने के चलते प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जावेद अख्तर को चेतावनी देकर अस्पताल में सुधार करने का निर्देश दिया।
अस्पताल में तैनात सभी मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ का एक दिन का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया गया है।
19 अप्रैल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा एकडंगा के निरीक्षण में खामियां पाई गई है। मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ गायब पाए गए है।
अस्पताल से गायब सभी मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ का एक दिन का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघनी, पिपरा एकडंगा एवं महुआ का 24 अप्रैल को औचक निरीक्षण किया गया।
पीएससी बघनी में सभी मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ गायब पाए गए। पीएचसी पिपरा एकडंगा में भारी खामियां पाई गई। चिकित्साधिकारी डॉ. जुबेर व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपस्थित पाए गए।
फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महुआ के निरीक्षण में मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ उपस्थित मिले। मरीजों की संख्या कम पाई गई और अस्पताल में खामियां मिली।
सभी अस्पतालों के मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। औसत प्रतिदिन 40 मरीजों को देखना अनिवार्य होगा। कार्यशैली में सुधार न लाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।