बलरामपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को सुलह-समझौते से 37,394 मुकदमों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत की अध्यक्षता जिला जज उत्कर्ष चतुर्वेदी ने किया। कहा कि इससे अदालतों में मुकदमोंं के बोझ को कम करने में मदद मिल रही है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अतुल कुमार नायक ने बताया कि जिला जज न्यायालय में एक मुकदमा निस्तारित हो गया। अपर जिला जज प्रथम प्रदीप कुमार के न्यायालय 47 मुकदमे निस्तारित हुए। विशेष सत्र न्यायाधीश एससीएसटी सुमित कुमार प्रेमी ने अपने न्यायालय में सात मुकदमों का निस्तारण कराया। विशेष सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट दीप नारायन तिवारी ने अपने न्यायालय में एक मुकदमा का निस्तारण किया।
सीजेएम धर्मवीर सिंह के न्यायालय में 2690 मुकदमे निस्तारित हुए। वहीं सिविल जज सीनियर डिविजन अनूप कुमार पांडये के न्यायालय में 732, सिविल जज सीनियर डिविजन एफटीसी अतुल कुमार नायक के न्यायालय में 643, सिविल जज जूनियर डिविजन मोनिका मिश्रा के न्यायालय में 443, सिविल जज जूनियर डिविजन एफटीसी राहुल आनंद के न्यायालय में 1656 और सिविल जज जूनियर डिविजन उतरौला योगेश चौधरी के न्यायालय में 1182 मुकदमों का निस्तारण हुआ।
जेएम प्रथम प्रभात कुमार दूबे के न्यायालय में 1020, ग्राम न्यायाधिकारी तुलसीपुर नीरू आनंद के न्यायालय में 61, परिवार न्यायालय में 29 और एमएसीटी न्यायालय में 14 मुकदमों का आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। तीनों तहसीलों में राजस्व और फौजदारी मुकदमों का भी निस्तारण हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक लोन, मोटर दुर्घटना, बाट माप व बिजली विभाग सहित अन्य विभागों से संबंधित मुकदमों की सुनवाई हुई।