बलरामपुर के भारत-नेपाल सीमा पर गश्ती करते पुलिस व एसएसबी के जवान।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान से तनाव बढ़ गया है। ऐसे में नेपाल सीमा से घुसपैठ की आशंका बढ़ गई है। इसके मद्देनजर ऑपरेशन कवच से नेपाल सीमा पर जवानों की तैनाती व निगरानी बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को 200 अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी सीमा पर तैनात किए गए हैं। एसपी विकास कुमार ने पुलिस के जवानों को 24 घंटे सीमा पर निगरानी के निर्देश दिए हैं। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में एसएसबी के साथ ही स्थानीय पुलिस लगातार गश्त कर रही है। अब अतिरिक्त फोर्स भी मदद में उतारी गई है। सबसे महत्वपूर्ण सोहेलवा वन्यजीव अभयारण्य की पगडंडियों की निगरानी है। वन विभाग के साथ सर्वे करके एसएसबी ने गोपनीय रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें जरवा, बघेलखंड क्षेत्रों में पगडंडी से आने-जाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। वाच टावरों को सक्रिय कर दिया गया है। वहां से भी एसएसबी और पुलिस के जवान नियमित निगरानी कर रहे हैं। 24 घंटे निगरानी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं हैं। एसपी ने बताया कि सीमा क्षेत्रों में आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कोई संदिग्ध सीमा पार न कर सके, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सीमावर्ती 46 गांवों में सामाजिक व्यवस्था से निगरानी
नेपाल सीमा से सटे 46 गांवों में निगरानी के विशेष प्रबंध किए गए हैं। स्थानीय थानों की पुलिस ने गांवों में जागरूकता बैठक शुरू की है। इसमें पंचायत में कार्यरत पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, सफाई कर्मियों, ग्राम प्रहरी के साथ ही प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, कोटेदारों का एक समूह तैयार किया है, जिन्हें थाने की पुलिस से लेकर एसपी तक के मोबाइल नंबर दिए गए हैं। घुसपैठ की आशंका पर सतर्क कैसे रहें, बचाव कैसे करें और किस तरह सूचना दें, इसकी जानकारी दी गई है। इसके अलावा सभी के मोबाइल नंबर की रिपोर्ट पुलिस ने तैयार की है। पुलिस अधिकारी लगातार पंचायत के इन कर्मियों से फीडबैक भी ले रहे हैं।