बलरामपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारंभ होकर 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। परीक्षा कार्यक्रम घोषित होते ही बलरामपुर जिले में विद्यालयों में तैयारी तेज हो गई है। वहीं, परीक्षा केंद्र तय करने के लिए विद्यालयों को 10 नवंबर तक अपने संसाधनों का डाटा ऑनलाइन फीड करना है।
जिले के 169 माध्यमिक विद्यालयों में इस बार लगभग 36 हजार विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इनमें लगभग 22 हजार हाईस्कूल और 14 हजार इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। विद्यालयों में अब रिवीजन टेस्ट, प्रैक्टिकल तैयारी और मॉडल पेपर हल कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परीक्षा पूर्ववत दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली सुबह 8:30 से 11:45 बजे तक व द्वितीय पाली दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक तय की गई है। हाईस्कूल की परीक्षा 18 फरवरी को हिंदी विषय से आरंभ होकर 12 मार्च को कृषि विषय की परीक्षा के साथ समाप्त होगी। वहीं, इंटरमीडिएट परीक्षा सामान्य हिंदी से प्रारंभ होकर कंप्यूटर विषय के साथ संपन्न होगी।
डीआईओएस ने जारी किए निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिसंबर तक पाठ्यक्रम पूर्ण कर लिया जाए। इसके बाद विद्यार्थियों को साप्ताहिक मूल्यांकन परीक्षा और मॉडल पेपर अभ्यास कराया जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम जारी होने के बाद अब विद्यालयों को कक्षा अनुशासन, नियमित उपस्थिति और उत्तरपुस्तिका लेखन अभ्यास पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा की स्वच्छता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्र निर्धारण, कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति और निगरानी व्यवस्था पर भी काम शुरू हो गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक उपस्थिति और फोटोग्राफी की व्यवस्था की जाएगी।
विद्यालयों में बढ़ा अध्ययन का दबाव
शहर के डीएवी इंटर कॉलेज, एमपीपी इंटर कॉलेज, जीआईसी और अन्य विद्यालयों में परीक्षा की घोषणा के बाद से ही अभ्यास सत्र तेज कर दिए गए हैं। अध्यापक अब रोजाना दो अतिरिक्त पीरियड लेकर विद्यार्थियों की तैयारी मजबूत कर रहे हैं। इंटर के छात्र राहुल सिंह ने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने के बाद अब विषयवार तैयारी की रूपरेखा बनाना आसान हो गया है। वहीं, छात्रा साक्षी वर्मा ने कहा कि अब रोजाना स्कूल में पुराने प्रश्नपत्रों पर आधारित टेस्ट लिए जा रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा है।
छात्रों के लिए सुझाव
- रोजाना निर्धारित समय पर अध्ययन करें।
- पिछले पांच वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें।
- कठिन विषयों के लिए समूह अध्ययन करें।
- सोशल मीडिया से दूरी बनाकर आत्मसंयम रखें।
- हर विषय के प्रमुख प्रश्नों की नोटबुक तैयार करें।