बलरामपुर। उतरौला क्षेत्र में एक महिला की पुश्तैनी जमीन फर्जी अंगूठा लगवाकर हड़प लेने का मामले में अब न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस में शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने एसपी से न्याय की गुहार लगाई, पर कोई सुनवाई न होने पर 28 अगस्त 2025 को न्यायालय की शरण ली। सुनवाई के बाद अदालत ने विपक्षियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
पीड़िता रामावती, अपनी बीमार मां सोना देवी की इकलौती संतान हैं। उनका कहना है कि गांव के कुछ लोगों ने इलाज के बहाने उनकी मां को बहला-फुसलाकर फर्जी अंगूठा लगवाया और उनकी जमीन अपने नाम कर ली। मामले की सुनवाई के दौरान अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/जेएम उतरौला योगेश चौधरी ने गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में तीन नवंबर को रेहरा बाजार पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
एफआईआर गोंडा जनपद के थाना धानेपुर क्षेत्र के ग्राम शिवदयाल खरिहा निवासी राकेश कुमार, मुकेश, सुरेश, प्रवेश, शांति देवी उर्फ मालती देवी, रेहरा बाजार क्षेत्र के ग्राम भितिहरवा इटवा निवासी बाबूराम, और उतरौला कस्बे के सुभाषनगर मोहल्ला निवासी नरायन प्रसाद के खिलाफ दर्ज की गई है। प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की भूमिका और दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है। सभी आरोपितों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।
ऐसे रचा गया था फर्जीवाड़े का खेल
रामावती ने अपनी तहरीर में बताया कि उनके पति जयकरन रोजी-रोटी के सिलसिले में लुधियाना में रहते हैं। वह गांव में अपनी मां सोना देवी के साथ रहती थीं। पांच मार्च 2018 को जब मां की तबीयत खराब हुई तो गांव के ही बुधराम ने भरोसा दिलाया कि वह उन्हें इलाज के लिए उतरौला ले जाएगा। इसी बीच बुधराम ने उनकी मां का फर्जी अंगूठा लगवाकर जमीन अपने नाम करा ली। जब रामावती को इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने 16 मार्च 2018 को तहसीलदार उतरौला न्यायालय में वाद दाखिल किया। इस दौरान बुधराम की मृत्यु हो गई, लेकिन उनके बेटों ने कब्जे का खेल जारी रखा। रामावती ने बताया कि उनकी मां ने 2018 में ही आपत्ति दाखिल की थी, लेकिन 2024 में बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई। मां की मौत के बाद रामावती ने उनकी जगह मुकदमे की पैरवी शुरू की। विपक्षियों ने 2025 में फिर से तहसीलदार कोर्ट में वाद दायर कर कब्जे की कोशिश की और 9 अगस्त 2025 की शाम खेत देखने गई रामावती की पिटाई भी की।