बलरामपुर। जिले की पंचायतों की मनमानी से विकास योजनाएं प्रभावित हो रहीं हैं। ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर वार्षिक पुस्तिका में बीते वित्तीय वर्ष का पूरा खर्च भरना है और पुस्तिका को बंद करना है। इसमें 310 पंचायतें रूचि नहीं ले रहीं हैं। जिससे घपले होने की आशंका बनी हुई है।
पंचायती राज विभाग ने वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना के साथ ही इसकी दैनिक, मासिक व वार्षिक रिपोर्ट फीड किए जाने की जिम्मेदारी पंचायत सचिवों को सौंपी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कराए गए कार्य और खर्च का 793 में से 483 ग्राम पंचायतों ने ही ब्योरा फीड किया है। 310 ग्राम पंचायतों ने अभी तक वार्षिक पुस्तिका को पूरा ही नहीं किया है, जिससे इनकी वार्षिक पुस्तिका अधूरी और खुली हुई प्रदर्शित हो रही है। इससे पंचायती राज विभाग की प्रगति प्रभावित हो रही है। डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय का कहना है कि पंचायत सचिवों को चेतावनी भी दी, इसके बाद भी प्रक्रिया पूरी नहींं की जा सकी है। इससे केंद्रीय बजट का आवंटन रुकने का संकट बढ़ गया है।
सभी को पूरा करना है ईयर बुक
-रिटायर्ड एडीओ पंचायत पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों को 31 मार्च तक ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर पंचायती राज विभाग की दी गई व्यवस्था में कार्ययोजना के साथ ही कार्य कराए जाने और भुगतान की स्थिति को दैनिक, मासिक व वार्षिक रूप से अपडेट किया जाना अनिवार्य है।