फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल की तर्ज पर होगा उतरौला व तुलसीपुर सीएचसी का उच्चीकरण

विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। जिले की दो सीएचसी को जिला अस्पताल की तर्ज पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस किया जाएगा। उतरौला व तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण कर 100 बेड के अस्पताल में तब्दील किया जाएगा। दोनों सीएचसी का उच्चीकरण होने से करीब 12 लाख आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। सीएमओ ने इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा हैै।
विज्ञापन

जिले की सबसे पुरानी तहसील उतरौला स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में अभी तक काफी पिछड़ा हुआ है। सीएचसी में छोटी-मोटी इलाज सुविधाएं तो मिल जाती हैं, लेकिन अधिक समस्या होने पर लोगों को जिला मुख्यालय बलरामपुर अथवा मंडल मुख्यालय गोंडा जाना पड़ता है।
इसी तरह तुलसीपुर तहसील मुख्यालय पर प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर होने के कारण देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रति वर्ष मां पाटेश्वरी का दर्शन करने आते हैं। यहां पर भी सीएचसी के अलावा कोई बड़ा अस्पताल न होने के कारण तहसील क्षेत्र के मरीजों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। इन दोनों तहसीलों की आबादी करीब 12 लाख है। यहां के जनप्रतिनिधियों के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने उतरौला व तुलसीपुर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए दोनों सीएचसी को उच्चीकृत कर 100 बेड का हॉस्पिटल बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
विज्ञापन

इन अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ ही पैथोलॉजी आदि की जांच के लिए आधुनिक मशीनों व उपकरणों से लैस किये जाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। अस्पतालों के उच्चीकरण के लिए तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल एवं उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा ने भी मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा है।
सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि सीएचसी उतरौला और सीएचसी तुलसीपुर को उच्चीकृत कर 100 बेड का अस्पताल बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृत मिलने तथा बजट जारी होते ही अस्पतालों के उच्चीकरण का काम शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें