बलरामपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) 2.0 के तहत जिले में जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान का लाभ दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिले में 31 मार्च तक यह सर्वे चलेगा। अब तक नौ ब्लॉक से 28,578 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
यह योजना उन ग्रामीण परिवारों के लिए बेहद अहम है, जिनके पास स्वयं का पक्का मकान नहीं है या वे जर्जर एवं कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक आवासहीन व कच्ची छत वाले परिवार को एक पक्का आवास मुहैया कराना है। परियोजना निदेशक राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि कोई भी पात्र परिवार आवास प्लस पोर्टल पर 31 मार्च तक पंजीकरण कर सकता है।
उन्होंने बताया कि कोई पात्र परिवार संबंधित ग्राम सचिव सर्वेयर के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इसके अलावा पात्र परिवार स्वयं भी आवास पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकता है। इस बारे में जिला के सभी सचिवों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है ताकि वह आवास प्लस 2024 एप पर पात्र परिवार का आवेदन करवा सकें। उन्होंने बताया कि सर्वे में लगे कर्मियों ने 26,489 लोगों का सर्वे कर डाटा पोर्टल पर अपलोड किया है। वहीं 2089 लोगों ने स्वयं सर्वे कर एप पर डाटा फीड किया है।
इन परिवारों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनके मकान कच्चे हैं, टूटे हुए हैं या दरार आई हुई है, खुद का पक्का घर नहीं है। इसके अतिरिक्त महात्मा गांधी मनरेगा योजना के तहत पात्र परिवार को 90 दिनों का अकुशल रोजगार मुहैया करवाया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 हजार रुपये की राशि शौचालय निर्माण के लिए दी जाती है।