बलरामपुर। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) उतरौला और गैड़ासबुजुर्ग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अस्पतालों में 10 चिकित्सकों समेत कुल 22 कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने सभी का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण तलब किया है।
सीएमओ ने सबसे पहले सीएचसी उतरौला का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्ड, प्रयोगशाला, ओपीडी, लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर (ओटी) का जायजा लिया। उपस्थिति पंजिका के अनुसार चिकित्साधिकारी डॉ. यासीन खान, डॉ. नसीरुद्दीन, डॉ. अत्ताउल्लाह खान, डॉ. अमरेश, लैब टेक्नीशियन अखिलेश कुमार व ओमप्रकाश हालदार, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर पवन कुमार श्रीवास्तव, कंप्यूटर ऑपरेटर अभिषेक तिवारी तथा स्वीपर गिरिजा प्रसाद अनुपस्थित मिले।
निरीक्षण में इमरजेंसी और लू राहत वार्ड के बेडों पर गंदी चादरें मिलीं। जैव-चिकित्सा अपशिष्ट (बायोमेडिकल वेस्ट) के निस्तारण तथा चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव में भी लापरवाही पाई गई। सीएमओ ने निर्देश दिए कि ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों के पर्चे आभा आईडी के माध्यम से ऑनलाइन बनाए जाएं, सभी वार्डों में प्रतिदिन साफ चादरें बिछाई जाएं तथा मरीजों का समयबद्ध फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
इसके बाद सीएमओ ने सीएचसी गैड़ासबुजुर्ग का निरीक्षण किया। यहां उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर दर्ज होने के बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी अस्पताल में मौजूद नहीं मिले। अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में चिकित्साधिकारी डॉ. सलीम अहमद, डॉ. सकीना युसूफ, डॉ. रुबी खान, डॉ. आशीष कुमार गुप्त, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. साइमा मुईद, डेंटल हाइजीनिस्ट दिनेश कुमार, वरिष्ठ सहायक भगवत प्रसाद, राजेश कुमार राय, एलएचवी शशि पांडेय, नेत्र परीक्षण अधिकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव, वार्ड बॉय सुरेश कुमार तथा कंप्यूटर ऑपरेटर विनय कुमार तिवारी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अधीक्षक डॉ. शोएब अहमद भी अनुपस्थित मिले।
अस्पताल के कई वार्डों में बेडों पर गंदी चादरें बिछी मिलीं, जबकि कुछ बेड बिना चादर के पाए गए। इमरजेंसी वार्ड में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी और तकियों पर कवर तक नहीं लगे थे। सीएमओ ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।