गौरा चौराहा (बलरामपुर)। सदर ब्लॉक के सिंघवापुर गांव के पास पिछले वर्ष की बाढ़ में सात मीटर बांध बह गया था। इस बार भी क्षेत्र के 20 हजार लोगों को बाढ़ के संकट से गुजरना पड़ेगा। बूढ़ी राप्ती नदी व तीन पहाड़ी नालों सीरिया, नकटी व भुसैलवा का पानी गांव के पास एक साथ आने से समस्या उत्पन्न हो जाती है। यदि बरसात से पहले बांध की मरम्मत नहीं कराई गई तो लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
सदर ब्लॉक के सिंघवापुर गांव के पास बूढ़ी राप्ती नदी और सीरिया, नकटी व भुसैलवा पहाड़ी नालों के बाढ़ से ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए बांध का निर्माण कराया गया था। पिछले वर्ष गांव के पास करीब सात मीटर बांध बाढ़ की तेज धारा में बह गया था। बांध कटने के बाद दतरंगवा, नेवरी, चौखड़ा, सिंघवापुर, भुसैलवा, गौरा, त्रिकौलिया, गोविंदपुर, नाथुडिहवा, वीरपुर, मथुरा, थरूवा, थरूनिया, खजुरिया, राजाजोत, परसा, हरहटा, जंबूदीप, पुरैना, धर्मपुर, टेंगनहवा व गुलरिहा सहित 50 गांवों की 20 हजार आबादी को बाढ़ के संकट का सामना करना पड़ा था। बाढ़ आने पर करीब आठ हजार बीघे में लगी फसलें तबाह हो जाती हैं। बाढ़ के दौरान ग्रामीणों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। पशुओं को हरा चारा भी नहीं मिल पाता है। (संवाद)
कई बार की गई मांग, नहीं हुई सुनवाई
क्षेत्रवासी राहुल शुक्ला, अमरेंद्र प्रताप पासवान, दीपचंद्र पाल व अनूप पांडेय का आरोप है कि सदर ब्लॉक के सिंघवापुर गांव के पास कटे बांध की मरम्मत कराने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। यदि बरसात से पहले बांध की मरम्मत न कराई गई तो 50 से अधिक गांवों पर बूढ़ी राप्ती नदी व पहाड़ी नालों से आई बाढ़ का संकट झेलना पड़ेगा।
बजट मिलने पर कराया जाएगा काम
सदर ब्लॉक के सिंघवापुर गांव के पास कटे बांध की मरम्मत कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने के बाद बांध की मरम्मत कराई जाएगी।
-संजय कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड