बलरामपुर के पिपरी नहर के किनारे काटा गया पेड़ ।-संवाद
जरवा। राप्ती मुख्य नहर खंड प्रथम के अंतर्गत पिपरी और दत्तापुर गांव के बीच यूकेलिप्टस के 20 पेड़ कोई काट ले गया। नहरों की सुरक्षा के लिए नहर के तट पर पेड़ लगाए गए थे। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने जब सूने तनों को देखा तो जानकारी अधिकारियों को दी। पेड़ कटने से कटान का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी तीन बार पेड़ों की अवैध कटान हो चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आठ माह पहले तुलसीपुर रेंजर अमरजीत प्रसाद और वन विभाग की टीम ने जरवा पुलिस के सहयोग से संग्रामपुर के पास छापा मारकर लकड़ी से भरे ट्रैक्टर-ट्राॅली व दो लकड़कट्टों को पकड़ा था। उस समय मामले में कार्रवाई हुई थी, लेकिन इसके बाद फिर से कटान का सिलसिला शुरू हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही और मिलीभगत से पेड़ काटे जा रहे हैं।
राप्ती मुख्य नहर खंड प्रथम के एक्सएन सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि शुक्रवार दोपहर मामले की जानकारी मिली है। रेवेन्यू टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कटान की जांच रिपोर्ट तैयार की। साथ ही कोतवाली जरवा में शिकायती पत्र भी सौंपा गया है। वहीं उपप्रभागीय वन अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि यूकेलिप्टस पेड़ संरक्षित प्रजाति में नहीं आते हैं। इसके बावजूद सरकारी भूमि से पेड़ों की अवैध कटान गंभीर मामला है। इसकी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, प्रभारी निरीक्षक राकेश पाल ने बताया कि अभी तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायती पत्र मिलते ही मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।