बलरामपुर में लोगों का बनाया जा रहा आयुष्मान कार्ड।-फाइल फोटो
बलरामपुर। जिले में आयुष्मान भारत योजना के लाभ से अभी 1,61,092 पात्र वंचित हैं। इनका गोल्डन कार्ड न बन पाने से मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। गोल्डन कार्ड से वंचित पात्रों को खोजने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में सर्वे कर रही हैं।
आज ही के दिन 23 सितंबर 2018 को रांची झारखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के तहत जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार गरीब परिवारों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की गई है। जिले में भी पात्रों को योजना का लाभ दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया। आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति करके गांव-गांव पात्रों को खोजकर उनका गोल्डन कार्ड बनाने का काम शुरू किया गया। फिर भी अभी तक 100 प्रतिशत पात्रों को योजना का लाभ नहीं मिल सका है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 7,30,824 पात्रों का चयन किया गया है। इनमें से 5,69,732 पात्रों का गोल्डन कार्ड बन चुका है, जो लक्ष्य का 77.95 प्रतिशत है। 1,61,092 पात्रों को अभी भी योजना का लाभ नहीं मिला है।
आयुष्मान योजना से संबद्ध हैं 22 अस्पताल
आयुष्मान भारत योजना से जिले के 22 अस्पताल संबद्ध किए गए हैं। इसमें तीन जिला स्तरीय सरकारी अस्पताल, नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा दो एसएसबी के अस्पताल शामिल हैं। वहीं जिले के आठ निजी बड़े चिकित्सालयों को भी संबद्ध किया गया है। इनमें अभी तक 33,453 लाभार्थियों को मुफ्त में इलाज की सुविधा मिल चुकी है। इसके लिए इन अस्पतालों को क्लेम के रूप में 24 करोड़ 57 लाख रुपये सरकार की तरफ से दिए जा चुके हैं।
30 तक गोल्डन कार्ड बनाने का चल रहा अभियान
योजना के पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 10 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। 30 सितंबर तक जिले के सभी गांवों के पंचायत भवन में चौपाल लगाकर अधिक से अधिक लाभार्थियों का गोल्डन बनाने का निर्देश दिया गया है। - डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर