बलरामपुर। विद्यालयी शिक्षा को पार करके अपने सपनों को गढ़ने की राह इंटरमीडिएट की परीक्षा के बाद ही तय होती है। तरक्की के इस सफर पर आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे 12वीं के विद्यार्थियों के चेहरे उस समय खिल उठे, जब परीक्षा परिणाम में उनको सफलता मिली।
परीक्षा परिणाम जानने के बाद जश्न मनाने विद्यालयों में पहुंचे विद्यार्थियों में सपनों को पूरा करने की उम्मीद दिखी। अपनी प्रतिभा के दम पर आगे कुछ करने के सपनों को संजोये मेधावियों को परिणाम जारी होने के बाद उड़ान मिली। विद्यार्थियों में को चिकित्सा तो कुछ इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपनी सफलता की कहाना गढ़ना चाहता है। उनको परिणाम जारी होने का बेसब्री से इंतजार था, अब सपनों को पूरा करने का अवसर मिला है।
आईएएस व डाॅक्टर बनकर गरीबों की सेवा का सपना देख रहे मेधावी
सीबीएसई हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा परिणाम में सफलता का स्वाद चखने के बाद मेधावियों के सपनों को पंख लग गए हैं। यही नहीं, उनके माता-पिता ने भी सपनों का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया है। अभिभावक जहां अनले बच्चों को आईएएस, डॉक्टर व इंजीनियर बनाने का सपना संजोए हैं, वहीं बच्चे भी माता-पिता के सपनों को साकार करने का संकल्प ले रहे हैं। परीक्षा परिणम जारी होने के बाद मंगलवार को मेधावियों से बातचीत की तो उन्होंने पूरी बेबाकी के साथ अपने भविष्य की योजनाओं को रखा।
आईएएस बन माता-पिता का सपना करना है पूरा
सीबीएसई इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिला में टॉप करने वाले जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र शिवनाथ मौर्य के पिता मालिक राम मौर्य किसान और माता लीलावती गृहिणी हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को देते हैं। वे कहते हैं कि कठिन परिश्रम व लक्ष्य के अनुरूप पढ़ाई करने से सफलता अवश्य मिलती है। शिवनाथ आईएएस बनकर माता-पिता के सपनों को साकार करना चाहते हैं।
इंजीनियर बनकर करूंगा देश के नवनिर्माण में योगदान
सीबीएसई इंटरमीडिएट की परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने वाले सेंट जेवियर्स स्कूल के छात्र शिवम पांडेय के पिता डॉ. पुरुषोत्तम प्रसाद पांडेय शिक्षक व माता अवंतिका पांडेय गृहिणी हैं। वह अपने बाबा बलदेव प्रसाद पांडेय को अपना आदर्श मानते हैं। सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को देते हैं। शिवम ने बताया कि वह इंजीनियर बनकर देश के नवनिर्माण में योगदान करना चाहते हैं।
आईएएस बनकर करूंगी देश सेवा
सीबीएसई इंटरमीडिएट की परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने वाली सेंट जेवियर्स स्कूल की छात्रा आयुषी श्रीवास्तव के पिता आलोक कुमार श्रीवास्तव वनकर्मी व माता विनीता श्रीवास्तव गृहिणी हैं। इनका मानना है कि समय प्रबंधन व कठिन परिश्रम से किसी भी परीक्षा में सफलता पाई जा सकती है। आयुषी आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं।
सिविल सेवा में जाना चाहते हैं ओमकार
सीबीएसई इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में चौथा स्थान हासिल करने वाले ओमकार शर्मा के पिता ओम प्रकाश शर्मा बजाज चीनी मिल के कर्मी और माता शीला देवी गृहिणी हैं। ओमकार अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन व शिक्षकों की मेहनत को देते हैं। ओमकार पहले आईआईटी से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं, इसके बाद वे सिविल सेवा में जाना चाहते हैं। इसके लिए वे अभी से तैयारी भी कर रहे हैं।
मनोचिकित्सक बनने का है लक्ष्य
सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा की मेधावी सुहानी श्रीवास्तव के पिता निशांत श्रीवास्तव बजाज पावर प्लांट के यूनिट हेड व माता प्राची श्रीवास्तव शिक्षिका हैं। सुहानी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को देती हैं। सुहानी मनोचिकित्सक बनकर मानसिक रोगियों का इलाज करना चाहती हैं। उन्होंने शुरू से ही इस क्षेत्र में जाने का लक्ष्य साध रखा है।