फोटो-12-बलरामपुर के परिषदीय विद्यालय में पढ़ाई करते विद्यार्थी ।-स्रोत : विभाग
बलरामपुर। जिले में विद्यालय से बाहर रह गए (ड्रॉपआउट) 7 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत 133 विद्यालयों में विशेष प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर चिह्नित 1297 ड्रॉपआउट बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर उनकी आयु के अनुरूप नियमित कक्षाओं में प्रवेश दिलाया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) विकास चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू हो चुका है और यह 31 मार्च 2027 तक संचालित किया जाएगा। जिन विद्यालयों में पांच या उससे अधिक ड्रॉपआउट बच्चे चिन्हित हैं, वहां विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से एक विशेष प्रशिक्षक की नियुक्ति की जाएगी।
उन्होंने बताया कि ब्लॉक स्तर पर चयनित नोडल शिक्षकों को जुलाई और अगस्त में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे विशेष प्रशिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण पूरा होने पर बच्चों को उनकी आयु के अनुरूप कक्षाओं में प्रवेश देकर नियमित विद्यार्थियों की तरह सभी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रशिक्षकों को अभिभावकों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए ने बताया कि प्रशिक्षकों का चयन स्थानीय स्तर पर किया जाएगा। यदि स्वयंसेवी शिक्षक उपलब्ध नहीं होते हैं, तो निर्धारित शैक्षिक योग्यता वाले स्वयंसेवकों (वॉलंटियर) का चयन किया जाएगा।
चयनित विशेष प्रशिक्षकों को 31 मार्च 2027 तक अधिकतम 4,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण संचालन और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।