2022 तक परिवहन सेवा से जुड़ेंगे सभी गांव: स्वतंत्र देव
बलरामपुर। 2022 तक प्रदेश के सभी गांव परिवहन सेवा से जोड़ दिए जाएंगे। प्रदेश के परिवहन बेडे़ में शीघ्र ही एक हजार नई बसें शामिल होंगी। प्रदेश के सभी आरटीओ एवं एआरटीओ कार्यालय दलाल मुक्त होंगे।
पीपीपी मॉडल से प्रदेश में 21 अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बस स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। यह बातें परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने रविवार को नगर स्थित यूपीटी अतिथि गृह में पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश के आठ हजार गांव परिवहन सेवा से जोड़े जा चुके हैं शेष गांव भी 2022 तक परिवहन सेवा से जोड़ दिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में अन्य प्रदेशों से भी परिवहन सेवाएं शुरु किए जाने के लिए हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर व राजस्थान सहित 11 राज्यों से करार किया गया है।
प्रदेश में परिवहन सेवा को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक हजार नई बसें खरीदने के लिए टेंडर हो चुका है। शीघ्र ही प्रदेश के परिवहन बेडे में एक हजार नई बसें शामिल होंगी।
परिवहन मंत्री ने यह भी बताया कि परिवहन निगम की खटारा बसों को हटाने का काम भी किया जा रहा है। अब तक 300 खटारा बसें हटाई जा चुकी है शीघ्र ही 200 अन्य खटारा बसों को भी परिवहन बेड़े से हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां परिवहन विभाग में ई-चालान की व्यवस्था शुरू की गई है।
इस व्यवस्था से सभी आरटीओ एवं एआरटीओ कार्यालय दलाल मुक्त हो जाएंगे। बताया कि बलरामपुर से लखनऊ वाया बहराइच दो एसी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
उतरौला तहसील मुख्यालय पर बस डिपो का निर्माण कराया जाएगा। बलरामपुर सें गोरखपुर एवं फैजाबाद के लिए सीधी बस सेवा शुरू की जाएगी। इस दौरान सदर विधायक पल्टूराम के अनुरोध पर परिवहन मंत्री ने शीघ्र ही बलरामपुर से कपिलवस्तु के लिए सीधी बस सेवा संचालित करने का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह गुड्डू, जिला महामंत्री अजय सिंह पिंकू, मीडिया प्रभारी डीपी सिंह, नगर अध्यक्ष बृजेंद्र तिवारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कुसुम चौहान, अपूर्व प्रताप सिंह, विजय गुप्ता, वरुण सिंह मोनू व आकाश पांडेय सहित तमाम भाजपाई मौजूद रहे।
मंत्री ने डिपो का नहीं किया निरीक्षण
-लखनऊ से बलरामपुर पहुंचे सूबे के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बलरामपुर डिपो जाना मुनासिब नहीं समझा। मंत्री सीधे होटल पहुंचे और वहीं पर पार्टी के विधायकों तथा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
तराई क्षेत्र के अति पिछड़े बस स्टेशन के हालात क्या है तथा वहां पर कर्मियों व यात्रियों को क्या परेशानी है यह बात जानने की भी मंत्री ने कोई कोशिश नहीं की। इस संबंध में एआरएम बलरामपुर डिपो परशुराम पांडेय ने बताया कि मंत्री जी का प्रोग्राम डिपो में आने का नहीं था।