चेकडैम निर्माण के नाम पर हुई बंदरबांट : विधायक
बलरामपुर। तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारियों पर चेकडैम व अन्य कार्यों के निर्माण में जमकर हेराफेरी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बाबत विभागीय मंत्री को विधायक ने पत्र लिखकर जांच व कार्रवाई की मांग की है।
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सिंचाई एवं जल संसाधन उत्तर प्रदेश को तुलसीपुर विधायक ने शनिवार को भेजे गए पत्र में कहा है कि भूमि संरक्षण अधिकारी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने आईडब्लूएमपी योजना के तहत हरैया सतघरवा ब्लॉक में वर्ष 2012-13 में सीडी अथवा चेकडैम का निर्माण कराया था।
इस पर वर्ष 2016-17 में भी दोबारा भूमि संरक्षण के तत्कालीन अवर अभियंता डीपी शुक्ल (वर्तमान में प्रभारी भूमि संरक्षण अधिकारी श्रावस्ती) तथा भूमि संरक्षण अधिकारी योगेंद्र सिंह ने मिलीभगत कर सरकारी धन को चूना लगाया है।
वर्ष 2017-18 में बरदौलिया गजड़हवा में चेकडैम का निर्माण में मानक व गुणवत्ता की अनदेखी के चलते पहली बरसात में ही चेकडैम ध्वस्त हो गया। वर्ष 2016-17 में अंबरनगर गांव में एक, प्रानपुर में दो तथा किला में एक चेकडैम का निर्माण कराया गया।
मानक व गुणवत्ता की अनदेखी तथा कमीशनखोरी के कारण चेकडैम पहली बारिश में ही ध्वस्त हो गए। वर्ष 2016-17 में परियोजना घनघटा में तीन, लखनीपुर में एक चेकडैम व इमिलिया में जल संचय बंधी का काम कराया गया है।
अवर अभियंता डीपी शुक्ल ने बढ़ा-चढ़ाकर मापन कराया तथा पुन: वर्ष 2017-18 में अंबरनगर में दो, किला में एक, अकबरपुरकला में दो चेकडैम व सहजना में जल संचय बंधी का कार्य कराया जो मानक के अनुरुप नहीं है।
वर्ष 2016-17 में परियोजना सिकंदरबोझी में चेकडैम व तालाब के कार्य में भी सरकारी धन का बंदरबांट किया गया जिसके चलते चेकडैम टूट गया।तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र के नवानगर व चौहत्तरकला में भी ओएफडी योजना के तहत भूमि संरक्षण विभाग ने नाली निर्माण कराया जिसमें अवर अभियंता डीपी शुक्ल व भूमि संरक्षण अधिकारी योगेंद्र सिंह ने बालू, सीमेंट व मोरंग की मात्रा सही ढंग से प्रयोग नहीं किया।
सरकारी धन का फर्जी भुगतान व बंदरबांट के चलते एक वर्ष के अंदर ही चेकडैम क्षतिग्रस्त हो गए। विधायक ने सभी कार्यो की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने तथा धन की रिकवरी कराए जाने की मांग की है।