जनपदवासियों को अब बीमार होने पर जांच कराने और डायलिसिस के लिए वाराणसी, लखनऊ जैसे महानगरों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। शासन ने जिला अस्पताल के लिए एमआरआई, सीटी स्कैन डायलिसिस मशीनों को लगाने की मंजूरी दे दी है। इससे जिला सहित आसपास के जनपद के लोगों को काफी सहूलियतें मिलेंगी। बीते दिनों जिला अस्पताल में आई एनआरएचएम टीम ने इसके लिए सर्वे किया था।
जिला अस्पताल में मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआइआई), कंप्यूटर टोमोग्राफी स्कैन एवं डायलिसिस मशीन लगाने का आदेश शासन से आ चुका है। एनआरएचएम की टीम ने इन मशीन को लगाने की जगह भी तलाश ली है। जिसकी रिपोर्ट शासन स्तर पर प्रेषित की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार कार्डियो वार्ड में डायलिसिस की मशीन और ट्रामा सेंटर में एमआरआई और सिटी स्कैन की मशीन लगेगी।
जबकि एमआरआई और सीटी स्कैन की मशीनों को मॉडल इमरजेंसी के करीब लगाने की सलाह दी गई है। मार्च 2017 तक इन मशीनों को लगाने का कार्य प्राइवेट एजेंसी को सौंप दिया गया है। अस्पताल से जुड़े लोगों ने बताया कि आधुनिक मशीनों का लाभ पूर्वांचल के कई जिले के लोगों को मिलेगा। यही नहीं बिहार से आए मरीज भी इसकी सुविधा पा सकेंगे।
उधर, यह सुविधा गरीब मरीजों के लिए राहत भरी होगी। जो पैसे के अभाव में बड़े चिकित्सा केंद्रों में नहीं जा पाते। इस संबंध में सीएमएस डॉ. जीसी मौर्य ने बताया कि मार्च 2017 तक जिला अस्पताल में एमआरआई, सीटी स्कैन और डायलिसिस की मशीनें लगेे जाएंगी। इसके लिए एनआरएचएम टीम ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है।