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दो महीने से बलिया में था बिहार के छपरा में कोरोना पॉजिटिव पाया गया युवक, छह माह से एक साथ रह रहे थे 34 लोग 

Fri, 01 May 2020 07:47 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
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कोरोना वायरस की जांच - फोटो : Amar Ujala
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बिहार के छपरा में 19 अप्रैल को हुई जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया अररिया का युवक बीते दो माह से बलिया में था। वह एससी कॉलेज के पास काजीपुरा में बन रहे रेलवे के वाशिंग पिट में काम कर रहा था। वाशिंग पिट में काम करने वाले बिहार के 34 मजदूर पिछले 6 माह से यहां रह रहे थे।
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लॉकडाउन में काम बंद होने के कारण वह अररिया जाने के लिए छपरा बॉर्डर क्रास करते समय छपरा पुलिस की जांघ में संदिग्ध लगा। तब उसे वहां क्वारंटीन करते हुए, सैंपल जांच के लिए भेजा गया। जांच में वह पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद उसे छपरा के अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।


अररिया में फैली अफवाह, डीएम ने किया खंडन
इस बीच बिहार के अररिया जिले में यह अफवाह फैली कि वहां कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आया है। इस अफवाह के मद्देनजर डीएम अररिया ने मीडिया को बयान दिया कि अररिया में कोई मरीज सामने नहीं आया है। छपरा में जो मरीज सामने आया है वह अररिया का निवासी जरूर है लेकिन पिछले जनवरी माह से ही वह काम के सिलसिले में बलिया में था।
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छह माह से एक साथ रह रहे थे 34 लोग

अररिया के डीएम का वीडियो वायरल होने के बाद अमर उजाला ने इसकी सच्चाई जानने का प्रयास शुरू किया। अररिया डीएम के वीडियो के साथ ही छपरा और अररिया के  समाचार पत्रों में छपी खबर स्टेशन अधीक्षक बलिया संजय सिंह को उपलब्ध कराई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्टेशन अधीक्षक ने पता लगाया तो सच्चाई सामने आई।
 
बलिया स्टेशन अधीक्षक की जांच में पता चला की एससी कॉलेज के पास काजीपुरा में बन रहे वाशिंग पीट में एक ठेकेदार के 34 लोग एक साथ रह रहे थे। यह सभी बिहार के रहने वाले थे और वही काम करते थे। इसकी जानकारी स्टेशन अधीक्षक ने जिला प्रशासन को दी। जानकारी होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

स्वास्थ्य टीम की अगुवाई कर रहे डॉ जियाउल हुदा ने मौके पर जांच पड़ताल की तो पता चला कि सभी मजदूर एक साथ ही बिहार रवाना हो गए थे।  बलिया स्टेशन अधीक्षक संजय सिंह ने बताया कि  वाशिंग पिट में काम करने वाले बिहार के 34 मजदूर पिछले 6 माह से यहां रह रहे थे। वह कार्य स्थल पर ही टेंट लगाकर उसी में रहते थे। लाकडाउन होने के बाद एक साथ ही यहां से रवाना हो गए थे। इस समय मौके पर कोई नहीं है।
 
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